मनपा में सत्ता पक्ष को जवाब दिया जाएगा, मनमानी असहनीय

  • विपक्षी पार्षद आक्रमक

अकोला. बहुमत के आधार पर अकोला मनपा में सत्ता पक्ष की मनमानी शुरु है. विरोधी पार्टी के सदस्यों की कोई बात न सुनते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं. जिससे लोकतंत्र के नियमों की अनदेखी हो रही है. आगामी दिनों में सत्ता पक्ष को उनकी भाषा में जवाब दिया जाएगा, यह सूचना मनपा में विरोधी पार्टी नेता साजीद खान पठान ने पत्र परिषद में दी. गुरुवार को आम सभा के बाद आयोजित पत्र परिषद में शिवसेना के गट नेता राजेश मिश्रा, पार्षद पराग कांबले उपस्थित थे.

साजीद खान पठान ने कहा कि एक ओर मनपा की आर्थिक स्थिति कमजोर है फिर भी 50 करोड़ रु. जमा करने का विषय लाया जाता है और इस पर चर्चा नहीं की जाती. यह एक तरह से जनता का अपमान है. उन्होंने कहा कि रकम जमा करने के लिए मनपा की कौनसी संपत्ति गिरवी रखी जाएगी, इसकी जानकारी जनता को दें.

छठे वेतन आयोग के लिए मनपा के कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं. उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जाता. इसकी जिम्मेदारी प्रशासन स्वीकार करें. आम सभा में इसी तरह हंगामा होता रहा तो आगामी सभा नहीं होने दी जाएगी. यह सूचना भी साजीद खान पठान ने दी.

पार्षद राजेश मिश्रा ने आशंका व्यक्त की कि लगातार तीसरी सभा में हंगामा और शोर शराबा होने से महापौर का पद खतरे में आ सकता है. मंजूर विषयों पर चर्चा नहीं की गयी और स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. बहुमत के आधार पर हमारी आवाज दबाने का प्रयास किया गया. यह कदापी सहन नहीं किया जाएगा.

मनपा की सभा में हंगामे के संदर्भ में विभागीय आयुक्त से वरिष्ठों तक निवेदन दिया जाएगा. उन्होंने आरोप किया कि नगर रचना विभाग में अनियमितताएं शुरु है, इस कारण हमारी आवाज दबायी जा रही है.