Huge crowds in the markets during unlock in Bhiwandi

    • सभी बाजारों में मंदी का साया
    • बेरोजगारी चरम सीमा पर

    अकोला. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए काफी लंबे समय तक लाकडाउन चलता रहा जिसके कारण सभी बाजार बंद रहे. फिर कभी धीरे धीरे बाजारों को खोलने की अनुमति दी गई. फिलहाल दोपहर 4 बजे तक सभी प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई है. लेकिन शनिवार और रविवार को जीवनावश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहते हैं. सिर्फ पांच दिनों तक वह भी सिर्फ दोपहर 4 बजे तक बाजार खुले होने के कारण बाजारों की स्थिति बिगड़ती जा रही है.

    सभी बाजारपेठ क्षेत्रों में आर्थिक मंदी का साया दिखाई दे रहा है. सभी व्यापारियों का कहना है कि दोपहर 4 बजे तक ठीक ढंग से बिक्री नहीं हो पाती है. इस कारण होलसेल और रिटेल दोनों बाजारों की स्थिति बिगड़ रही है. इसी तरह दूध उत्पादक किसानों के साथ साथ कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक शोरूम, जूता चप्पल व्यवसाय, बरतन के शोरूम, जनरल स्टोर्स, डिपार्टमेंटल स्टोर्स सभी की स्थिति बिगड़ती जा रही है. 

    शनिवार, रविवार बंद

    शनिवार और रविवार को जीवनावश्यक वस्तुओं को छोड़कर पूरा बाजार पूरी तरह से बंद रहता है. वर्तमान समय में सरकारी कार्यालय के साथ साथ विविध कंपनियों में काम करनेवाले कई लोग ऐसे हैं जिनको सिर्फ शनिवार, रविवार को ही अवकाश रहता है. इस परिस्थिति में उनका कहना है कि जब शनिवार, रविवार को पूरा बाजार बंद रहेगा तो हम लोग खरीदी कब करेंगे.

    इस तरह लगातार दो दिन पूरी तरह से बंद होने के कारण भी लोगों को तकलीफ हो रही है. सभी का कहना है कि सप्ताह में सिर्फ एक दिन लाकडाउन रहे तो ही ठीक रहेगा. सभी का कहना है कि सिर्फ रविवार को ही लाकडाउन रहना चाहिए. 

    हो रहा है रोज नुकसान

    मिठाई के प्रतिष्ठान भी दोपहर 4 बजे तक ही खुले रहते हैं. चार बजे के बाद रात 8 बजे तक पार्सल सेवा रहती है. इस कारण अब मिठाई की बिक्री भी कम हो गई है. मिठाई की दूकानों में नियमित रूप से जितना दूध मिठाइयों के लिए लगता था अब उतना नहीं लग रहा है. इस कारण दूध उत्पादकों का भी नुकसान हो रहा है. यही स्थिति सब्जी विक्रेताओं की भी है.

    होलसेल बाजार से रिटेल सब्जी विक्रेता बहुत कम सब्जी खरीद रहे हैं क्योंकि दोपहर 4 बजे तक सभी सब्जियां नहीं बिक पाती हैं और सब्जी विक्रेताओं का नुकसान हो जाता है. रेस्टारेंटों में भी अब बहुत सब्जियां नहीं लगती हैं क्योंकि दोपहर 4 बजे के बाद पार्सल सेवा शुरू हो जाती है. इस तरह दूध उत्पादकों के साथ साथ सब्जी विक्रेताओं का भी काफी नुकसान हो रहा है. 

    बेरोजगारी चरम सीमा पर

    इस लाकडाउन के कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं. शनिवार, रविवार को हेअर कटिंग सलून और ब्यूटी पार्लर पूरी तरह से बंद रहते हैं. इस कारण इस व्यवसाय से जुड़े कई लोगों के पास काम नहीं है. होटलों, रेस्टारेंटों में काम करनेवाले कई लोगों को नौकरी से कम कर दिया गया है. क्योंकि रेस्टारेंटों का मुख्य धंधा ही शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक रहता है. जबकि रेस्टारेंटों को सिर्फ दोपहर 4 बजे तक ही खोलने की अनुमति है. इस तरह रेस्टारेंटों में काम करनेवालों के पास इस समय काम नहीं है.

    इसी तरह कपड़े, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, सोने चांदी के के बड़े बड़े शोरूम में काम करनेवाले कामगारों और कर्मचारियों में से कई लोग बेरोजगार हो गए हैं. इसके अलावा भी विभिन्न दूकानों और प्रतिष्ठानों में काम करनेवाले लोगों के पास भी काम नहीं है. क्योंकि दोपहर 4 बजे सभी प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाते हैं.