water supply

  • ग्राम पंचायतों को दी गई नोटिसें
  • जलजन्य रोग बढ़ने की संभावना

अकोला. ग्राम पंचायतों ने जिले के 41 गांवों में न केवल ब्लीचिंग पाउडर प्रदान किया है, बल्कि चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि 133 गांवों में पानी के सैम्पल दूषित पाए गए हैं. ब्लीचिंग पाउडर अनुपलब्धता के मामले में अकोला, तेल्हारा और पातुर यह तीनों तहसील आगे हैं. जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग ने इन गांव की ग्राम पंचायतों को एक नोटिस जारी किया है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, उनसे तत्काल ब्लीचिंग पाउडर की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है.

कोरोना को देखते हुए पुरानी बीमारियों वाले रोगी इस दौरान अस्पतालों में जाने के लिए अनिच्छुक हैं तथा हृदय रोग के कारण छोटी बीमारियों के लिए अस्पतालों में पहुंचने वाले रोगियों की संख्या बढ़ रही है. ग्राम पंचायतों की लापरवाही के कारण जिले में जल जनित रोगों के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 850 गांव हैं, जिनमें से 41 गांवों की 37 ग्राम पंचायतों ने पीने के पानी के लिए आवश्यक ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं कराया है. गांव में सभी प्रकार के जल स्रोतों में इस ब्लीचिंग पाउडर को डालने से पानी शुद्ध होता है. लेकिन इन 41 गांवों की 37 ग्राम पंचायतों ने इस ओर से अनदेखी की हैं, जिससे इन गांवों में नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में आया है.

ग्रामीण क्षेत्रों में हैन्डपम्प, कुआ, बोअरवेल आदि जलस्त्रोत उपलब्ध है. इस जल स्त्रोतों से गांव के नागरिकों के लिए पेयजल उपलब्ध होता है. इन जलस्त्रोतों में ब्लिचिंग पावडर डालने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की है. लेकिन जिले की कुछ ग्राम पंचायतों द्वारा इस ओर अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण गांवों में जल जन्य बीमारियां बढ़ने की संभावना प्रकट की जा रही है.

ब्लिचिंग पावडर न रहनेवाले गांव

अकोला तहसील के सबसे अधिक 30 गांवों के 26 ग्राम पंचायतों ने ब्लिचिंग पावडर उपलब्ध नहीं कराई है. इसी तरह तेल्हारा तहसील के 5 तथा पातुर तहसील के 6 ग्राम पंचायतों ने इस महत्वपूर्ण कार्य की अनेदखी की है. जिससे जि.प. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन ग्राम पंचायतों को नोटिसें दूकर शीघ्र ब्लिचिंग पावडर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं. इस बीच जिले के गांवों में जल स्त्रोंतों के पानी के सैम्पल लेकर इन सैम्पलों की जिला स्तरीय स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच करने पर लगभग 133 गांवों के जल सैम्पल दूषित यानिकि पीने के लिए अयोग्य पाए गए हैं. जिसमें अकोला, बार्शीटाकली तथा मुर्तिजापुर तहसील के प्रत्येक 14 गांव, अकोट तहसील के 19, तेल्हारा 7, बालापुर 32 और पातुर तहसील के 29 तथा अन्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के 4 गांव शामिल हैं.