जलापूर्ति योजना सिर्फ कागजों पर! जिला परिषद जिलाधिकारी को भेजेगी रिपोर्ट

    • जल व्यवस्थापन समिति सभा में लिया निर्णय 

    अकोला. जिले में क्षेत्रीय जलापूर्ति योजनाओं का कार्य केवल कागजों पर ही सीमित रह गया है. इस संबंध में जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने का निर्णय जिला परिषद प्रशासन ने जल प्रबंधन समिति की बैठक में चर्चा के दौरान लिया. जलापूर्ति कार्यों पर पहले भी कई बैठकों में चर्चा हो चुकी है और कार्रवाई करने का निर्णय भी लिया जा चुकी है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. जिससे क्या जल्द कार्रवाई होगी? ऐसा प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है.

    योजना पर उठ रहे सवाल

    84 ग्राम क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना जीवन प्राधिकरण द्वारा संचालित है. इससे पहले जिला परिषद ने पानी का बिल वसूल कर योजना के रख-रखाव और मरम्मत के लिए माजीप्रा को 15.25 लाख रुपये प्रतिमाह देने का फैसला किया था. योजना के विशेष मरम्मत कार्य 85 प्रतिशत पूरे हो गए हैं.

    इस बीच प्रशासन ने क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना को मजीप्रा से स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को हस्तांतरित करने का भी निर्णय लिया था. लेकिन बाद में जनप्रतिनिधियों ने मध्यस्थता करने से निर्णय पर अमल नहीं किया जा सका. चूंकि योजना की मरम्मत नहीं हुई है और ग्रामीणों तक पानी ठीक से नहीं पहुंच रहा है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि गांव वाले पानी का बिल क्यों देंगे. 

    रिपोर्ट भेजने के आदेश

    जल प्रबंधन समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई. कागजी कार्रवाई को लेकर शिकायत होने के कारण रिपोर्ट-प्रस्ताव भेजने का आदेश बैठक में सभा के सचिव, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.सुभाष पवार ने दिए हैं.

    सभा में जि.प. अध्यक्षा प्रतिभा भोजने, उपाध्यक्षा सावित्री राठोड़, समाज कल्याण सभापति आकाश सिरसाट, पशुसंवर्धन व कृषि सभापति पंजाबराव वडाल, मीरा पाचपोर, लघु सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता श्यामकांत बोके आदि सहित जीवन प्राधिकरण, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग व स्वच्छता विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.