औरंगाबाद

Published: Apr 27, 2023 08:45 PM IST

Solar Energyसौर ऊर्जा से किसानों के लिए 7,000 मेगावाट बिजली उत्पादन से ग्रामीण विकास को बढ़ावा: विश्वास पाठक

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम
कंटेन्ट एडिटरनवभारत.कॉम

छत्रपति संभाजीनगर: सौर ऊर्जा (Solar Energy) का इस्तेमाल कर सात हजार मैगावाट बिजली निर्मिती करने और उसके द्वारा किसानों (Farmers) को दिन में बिजली आपूर्ति करने के लिए शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) ने शुरु की मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना-2.0 के चलते किसानों के जीवन में बदलाव करने के साथ ही ग्रामीण विकासवर्धक हैं। यह दावा महावितरण के स्वतंत्र संचालक और बीजेपी के प्रदेश सह मुख्य प्रवक्ता विश्वास पाठक ने आयोजित प्रेस वार्ता में किया। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis) की सरकार ने मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना-2.0 के अभियान को लागू करने का फैसला किया है। देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में इसके तहत कैंपेन और ‘मिशन 2025’ लॉन्च किया। तदनुसार, दिसंबर 2025 तक, प्रत्येक जिले में कम से कम 30 प्रतिशत कृषि फीडर सौर ऊर्जा का उपयोग करके  चलाए जाएंगे। इससे किसानों को दिन में बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति होगी। उनकी कई वर्षों की मांग पूरी होगी। प्रदेश में 45 लाख कृषि पंप किसान हैं और आने वाले समय में यह अभियान उन सभी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

30 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य में बिजली उत्पादन के लिए 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होंगे। किसानों को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि किराए पर देकर 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर वार्षिक आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। यह किराया हर साल तीन फीसदी की दर से बढ़ेगा। साथ ही सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने वाली ग्राम पंचायतों को तीन वर्ष के लिए राज्य सरकार से विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

प्रतिस्पर्धी दर पर बिजली की आपूर्ति की जाएगी

उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत करते हुए  उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार से आने वाले दिनों में ग्राम पंचायत कार्यालयों, स्कूलों, क्लीनिकों, जलापूर्ति योजनाओं को सौर ऊर्जा पर चलाने की योजना बनाने को कहा हैं। किसानों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली पैदा करते हुए जो क्षमता पैदा हुई है, उसका उपयोग भविष्य में पूरे गांव के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि वर्तमान में कृषि क्षेत्र को औसतन डेढ़ रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। टैरिफ अंतर को राज्य सरकार की सब्सिडी और उद्योगों के लिए बिजली टैरिफ पर लगाए गए क्रॉस सब्सिडी बोझ द्वारा कवर किया जाता है। चूंकि सौर ऊर्जा के माध्यम से प्राप्त बिजली लगभग तीन रुपए तीस पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगी, भविष्य में उद्योगों पर क्रॉस सब्सिडी का बोझ कम होगा और उद्योगों और व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी दर पर बिजली की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए दिन और रात में बिजली की आपूर्ति की जाती है। रात में सिंचाई करने में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना की शुरुआत जून 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तत्कालीन ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के कार्यकाल के दौरान उन्हें दिन के दौरान विश्वसनीय बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए की गई थी। पत्रकार वार्ता में महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर शहर मंडल के अधीक्षक अभियंता प्रकाश जमधडे उपस्थित थे।