नागपुर

Published: Jan 21, 2022 03:28 AM IST

Double Murder Caseरामटेक के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश, भांजी ने प्रेमी के साथ मिलकर की बुआ समेत 2 की हत्या

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम

नागपुर. अनैतिक संबंधों की जानकारी पति को देने से भांजी ने अपने प्रेमी की सहायता से अपनी बुआ समेत 2 लोगों की हत्या कर दी.  स्थानीय अपराध शाखा पुलिस ने रामटेक में घटी इस दिल दहला देने वाली घटना का पर्दाफाश मात्र 36 घंटे के भीतर ही कर दिया. हत्याकांड के मास्टर माइंड प्रेमी युगल को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है. साथ ही इनके 2 अन्य नाबालिग साथियों को भी हिरासत में लिया गया है. मृतकों के नाम संदीप मिश्रा (60), जयवंता टीकाराम भगत (45) दोनों मौली, तह. रामटेक निवासी हैं, जबकि गिरफ्तार आरोपियों में रितु बागबांदे (32) बालाघाट और महेश भैय्यालाल नागपुरे (41) सालेकसा का समावेश है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदीप जयवंता का माना हुआ भाई था. पिछले 6 वर्षों से दोनों रामटेक के एक खेत में काम करते थे और वहीं पर रहते थे. 2 माह पहले जयवंता की भांजी रितु और उसका प्रेमी महेश भी रामटेक आ गए. यह दोनों भी उनके साथ रहने लगे और खेत में काम करने लगे थे. जयवंता ने रितु के पति को इसकी जानकारी दी. इसके बाद रितु के पति ने रामटेक आकर उसे को फटकार लगाई और अपने साथ ले गया. दो दिनों पूर्व रितु, महेश और 2 नाबालिग बच्चे कार से रामटेक आए.

उन्होंने संदीप और जयवंता को जबरन कार में बिठाया. इसके बाद कुछ दूर जाने के बाद महेश ने संदीप पर कुल्हाड़ी से वार किया जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद रामटेक के जंगल में लाश फेंक दी. इसके बाद जयवंता की भी कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई. जयवंता का शव भंडारा के समीप जंगल में फेंक कर आरोपी वहां से निकल गये. मंगलवार की शाम को संदीप का शव मिला. इस मामले में रामटेक पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया. संदीप के साथ रहने वाली जयवंता भी लापता होने की जानकारी पुलिस को मिली. 

बेटी से पूछताछ में खुला राज

पुलिस अधीक्षक विजयकुमार मगर ने रामटेक पहुंचकर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के निर्देश स्थानीय अपराध शाखा और रामटेक पुलिस को दिए. अधीक्षक मगर के मार्गदर्शन में रामटेक के थानेदार प्रमोद मकेश्वर, अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक ओमप्रकाश कोकाटे, साहायक निरीक्षक राजीव कर्मलवार, जितेंद्र वैरागड़े, विवेक सोनवणे, हेड कांस्टेबल गजेंद्र चौधरी, विनोद काले, नाना राऊत, प्रणय बनाफर, वीरेंद्र नरड ,रुपाली कांबले और इनकी टीम ने हत्यारों की खोजबीन शुरू कर दी.

इस बीच,  भंडारा में जयवंता की लाश मिली. इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने जयवंता की बेटी से संपर्क साधा और पहचान हुई. रितु के अपने प्रेमी के साथ रामटेक आने की जानकारी टीम को मिली.  इसके आधार पर अपराध शाखा की टीम ने बालाघाट परिसर से रितु और उसके 2 नाबालिग साथियों और  सालेकसा परिसर से महेश को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इस प्रकार घटना के 36 घंटे के भीतर ही इस दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में पुलिस को सफलता मिली.