नागपुर

Published: Sep 27, 2020 01:31 AM IST

कोरोना कालडाक्टरों की सलाह से ही उपचार करें

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम

नागपुर. कोरोना का संकट बढ़ने के साथ ही उसके संदर्भ में डर, अफवाहों व संभ्रम भी बढ़ता जा रहा है. सोशल मिडिया में तो कई तरह के इलाज संबंधी मैसेजेस व विडियो वायरल हो रहे हैं. कुछ संदेशों में तो कोविड की दवाई तक बताई जा रही है. इस प्रकार के संदेशों पर भरोसा न करें. किसी तरह की भी दवा लेने से जान को खतरा हो सकता है. इसलिए अगर कोरोना के संदर्भ में कोई लक्षण महसूस हो तो सीधे अपने डाक्टर के पास जाएं या फोन से उनका मार्गदर्शन लेकर ही उपचार करें.

यह अपील कोविड संवाद में नागरिकों का मार्गदर्शन करते हुए डाक्टर हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज हरकूट एवं डा. सोहल पराते ने की. मेयर संदीप जोशी की संकल्पना पर मनपा व आईएमए के संयुक्त तत्वावधान में कोविड संवाद का फेसबुक लाइव कार्यक्रम लगातार जारी है. दोनों डाक्टरों में इसके तहत नागरिकों को मार्गदर्शन किया व उनकी शंकाओं का समाधान भी किया.

हार्ट पेशेंट को अधिक खतरा
डा. हरकूट ने कहा कि आज सबसे अधिक खतरनाक कोरोना संक्रमण है. यह तेजी से फैल रहा है. इससे बचने का फिलहाल एकमात्र उपाय मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सेनिटाइजेसन, साबुन से हाथ धोने का नियम पालन करना ही है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों में बड़ी संख्या हार्ट के पेशेंट्स की है. हृदयरोग वाले लोगों को आम लोगों की अपेक्षा अधिक खतरा होता है. इसलिए उन्हें अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है. कोविड फेफड़े को अधिक डेमेज करता ही है साथ ही हार्ट को भी खतरा होता है. उन्होंने कहा कि हार्ट के पेशेन्ट के जो नियमित दवाइयां चलती हैं उसे बंद न करें. अगर संक्रमित हों तो अस्पताल में भर्ती हो कर उपचार करवाएं.

आक्सीजन की कमी पर सतर्क रहें
डॉ. सोहल पराते ने कहा कि ‘हैपी हाइपोक्सिया’ यानी शरीर में आक्सीजन की कमी के प्रति भी सतर्क रहें. आक्सीजन की कमी होने पर मरीज को समझ में नहीं आता. उन्हें लगता है वे स्वस्थ हैं लेकिन यह धोखादायक है. आक्सीजन की कमी से हृदय विकार का अधिक धोखा होता है. अचानक खांसी बढ़ने, बुखार आने, जोर जोर से सांस लेना यह आक्सीजन की कमी का लक्षण है. तुरंत डाक्टर की सलाह लें. उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में 80 प्रतिशत कोरोनाबाधितो में किसी तरह का लक्षण नहीं है. इन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं लेकिन इनसे दूसरों को खतरा है. सुरक्षा की दृष्टि से दवाखाना में आने वाले प्रत्येक मरीज की जांच आवश्यक है.