वर्धा

Published: Jan 07, 2022 02:04 AM IST

Government Buildingsसरकारी इमारतें बनी खंडहर, रखरखाव की ओर नहीं दिया ध्यान

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम

वर्धा. मजबूत पक्की इमारतों के रखरखाव पर ध्यान नहीं देने से वह खंडहर में तब्दील होने में देर नहीं लगती़  ऐसा ही कुछ हाल शहर की सरकारी इमारतों का हुआ है़ अनेक सरकारी इमारतें आज खंडहर में तब्दील हो गई है़ं  इसमें सिंचाई विभाग के सांस्कृतिक सभागृह की इमारत समेत अनेक सरकारी आवासों का समावेश है.

इमारत के मरम्मत कार्य पर थोड़ी निधि खर्च की गई तो इसे उपयोग में लाना संभव है़  गत कुछ वर्षों में विभिन्न सरकारी कार्यालयों की इमारतों का निर्माण हुआ है़ इसमें तहसील कार्यालय, कृषि अधीक्षक कार्यालय, नगर परिषद आदि इमारतों का समावेश है़ जबकि जिलाधिकारी कार्यालय इमारत, आरटीओ इमारत का कार्य शुरू है़ ऐसे में कई कार्यालय अब भी किराए के मकान में चल रहे है़ं जिसमें अन्न व औषधि प्रशासन, वजन मापे, आत्मा कार्यालय का समावेश है़ अगर दुर्लक्षित सरकारी इमारतों की मरम्मत कार्य पर थोड़ी निधि खर्च की गई तो किराए के मकान में चल रहे कार्यालय यहां शिफ्ट कर शासन के लाखों रुपयों का राजस्व बचाया जा सकता है.

मुख्य मार्गों का हो रहा विद्रुपीकरण

 खंडहर इमारतें नागपुर रोड के साथ ही सिविल लाइन परिसर में स्थित है़  यह परिसर शहर का हृदयस्थल है़ पक्की सड़कें, डिवाइडर डालकर सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ है़ किंतु, मार्ग के पास स्थित इन खंडहर इमारतों की वजह से विद्रुपीकरण हो रहा है़ जिससे रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है. 

परिसर का डाला जा रहा कचरा

नागपुर रोड स्थित सरकारी आवास रखरखाव के अभाव में खंडहर बन गए है़ं  आवास के सामने खाली जगह पर कई लोग कचरा डालकर फेंक देते है़ं  कई बार इसे वहीं जलाया भी जाता है़  इस ओर अगर जल्द ध्यान नहीं दिया तो उक्त जगह मिनी डंपिंग यार्ड बनने में देर नहीं लगेगी़  समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है. 

असामाजिक तत्वों का अड्डा

खंडहर व खाली सरकारी आवास में रात के समय असामाजिक तत्व अपना डेरा जमाकर रहते हैं, ऐसा भी आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है़ इस खंडहर इमारतों का उपयोग अवैध व्यवसाय के लिए होता है़ कई बार शराब भी जहां छुपाकर रखी जाती है, ऐसा भी कहा जा रहा है.

सरकार स्तर पर करेंगे प्रयास

कई बडे क्वॉर्टर रखरखाव के अभाव में खंडहर बने हुए है़ं जिसमें एक सांस्कृतिक भवन का भी समावेश है़ आज अनेक सरकारी अधिकारी किराए के मकान में रह रहे है़ं जिसमें कुछ कार्यालयों का भी समावेश है़ सरकार का अतिरिक्त निधि खर्च होकर जनता के पैसों का अपव्यय हो रहा है़  खंडहर इमारतों की वजह से विद्रुपीकरण हो रहा है़ जिससे समस्या दूर करने सरकार स्तर पर प्रयास करेंगे. 

-संदीप किटे, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस