State expert teams should be constituted for proper care of covid-19 patients in hospitals: Court

    अमरावती. कोरोना संक्रमण की चपेट आए रोगियों की इलाज के दौरान निजी कोविड हास्पीटलों में आर्थिक लूट ना हो पाए, इसके लिए जिला प्रशासन ने 3 कोरोना अस्पतालों पर 1 आडिटर नियुक्त कर दिया है. शहर समेत जिले में कुल मिलाकर 40 से 50 निजी कोविड अस्पताल है. आडिट में सरकारी दरों से अधिक बिल वसूली पाए जाने पर संबंधित कोविड हास्पीटल के व्यवस्थापन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी कलेक्टर शैलेश नवाल ने मंगलवार को दी. इसके लिए उपजिलाधिकारी राम लंके को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.

    कच्चे बिल दिए जाने की शिकायतें

    उन्होंने बताया कि कोरोना रोगियों के परिजनों, रिश्तेदारों की इस बारे में लगातार शिकायतें मिल रही है कि निजी कोविड अस्पतालों में कच्चे बिल थमाए जा रहे है. सरकारी दरों से अधिक फीस वसुली जा रही है. इसी पर नियंत्रण पाने के लिए शहर और जिले में प्रत्येक 3 कोविड अस्पतालों पर नियुक्त 1 अकाउंटंट कोविड अस्पतालों के बही खातों का हिसाब किताब की जांच करेंगे. 

    हर पीएचसी में 20 कोरोना बेड

    कलेक्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले में प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 20 कोरोना बेड की स्थायी व्यवस्था की जाएगी. जिसमें कुछ बेड आक्सीजन व वेंटिलेटर युक्त होंगे. जून माह तक संपूर्ण जिले में 6 हजार से अधिक बेड की स्थायी व्यवस्था हो जाएगी. होमआइसोलेशन पर पाबंदी लगाए जाने से अब कोरोना पाजिटिव पाए गए सामान्य मरीजों को आस पास की शालाओं अथवा क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जाएगा.  

    3 बालक हुए अनाथ

    कोरोना की चपेट में आकर माता और पिता दोनों की मौत हो चुकी है. ऐसे 3 अनाथ बालकों के लालन पोषण हेतु यदि नजदीकी रिश्तेदार तैयार नहीं होता है तो राज्य सरकार के आदेशानुसार प्रशासन तीनों अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी लेगा. कलेक्टर के अनुसार जिले में 48 बच्चे ऐसे है, जिनके कोरोना के कारण सिंगल पैरेंट्स रह गए है. जिला प्रशासन अभी भी खोज मुहिम में जुटा है. अनाथ बच्चों और सिंगल पैरेंट्स रहनेवाले बच्चों की संख्या बढ सकती है. 

    ब्लैक फंगस उपचार पर भी नियंत्रण

    यह आडिटर म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के उपचार पर के हिसाब किताब पर भी नजर रखेंगे. म्यूकर माइकोसिस के निदान के लिए तय किए गए एमआरआइ, सिटी स्कैन के रेट से अधिक दर वसुले जाने पर नोडल अधिकारी उपजिलाधीश राम लंके अथवा टोल फ्री क्रमांक पर शिकायत करने का आह्वान नवाल ने किया है. 

    अन्यथा मरीजों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

    ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के बढते प्रकोप के कारण कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को संस्थागत क्वारंटाइन करने के आदेश दिए है. इसके लिए ग्राम स्तर पर समिति का गठन किया गया है. जो मरीज ग्राम समिति के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार समिति को जिलाधीश ने दिए है.