आरटीओ समेत 11 संस्थाओं ने जताई आपत्ति

  • नो एंट्री पर 22 को डेडलाइन होगी खत्म

अमरावती. शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने भारी समेत सभी प्रकार के हलके वाहनों पर नो एंट्री लगाने की नई प्रस्तावित अधिसूचना पर प्रादेशिक परिवहन कार्यालय समेत 11 संस्थाओं ने आपत्ति जताई है, 8 अक्टूबर की मध्यरात्रि से जारी हुई प्रस्तावित अधिसूचना की 22 अक्टूबर को डेडलाइन खत्म हो रही है. इसके बाद सीपी डा.आरती सिंह सुझाव व आपत्ति पर संबंधितों से चर्चा कर नो एंट्री पर फैसला लेंगी.

2016 की अधिसूचना की मांग

भारी व हलके वाहनों पर सुबह 6.30 बजे से रात 9 बजे तक शत प्रतिशत नो एंट्री लगाने की प्रस्तावित अधिसूचना सीपी डा.आरती सिंह के आदेश पर 8 अक्टूबर को जारी हुई थी. 15 दिनों के भीतर शहर ट्राफिक के सहायक पुलिस आयुक्त के पास नो एंट्री पर आपत्ति व सुझाव मांगा था. जिस पर आरटीओ के साथ मालधक्का एसो, ट्रान्सपोर्ट एजेंट एसो, न्यू एकता गिट्टी बोल्डर एसो, कृषि बाजार लोकल ट्रक संगठना, मिनी ट्रान्सपोर्ट एसो, चेंबर आफ महानगर मर्चंटस एण्ड इंडस्ट्रीज, जयस्वाल ब्रदर्स होलसेल अंडा मर्चन्ट, राजा लॉरी अरेनजर्स, कृषि उत्पन्न बाजार समिति, गुड्स ट्रान्सपोर्ट ने अपने आपत्ति व सुझाव दर्ज किया. जिसमें से अधिकांश लोगों ने 2016 की अधिसूचना ही जारी रखने का सुझाव दिया, जबकि आरटीओ ने कहा कि वाहन प्रमाणपत्र नूतनीकरण के लिए वाहनों का आना आवश्यक है.

न्यू एकता गिट्टी बोल्डर एसो. ने कहा कि रेती घाट व क्रेशर मशीन से रेती-गिट्टी लाना व रायल्टी पास प्राप्त करना संभव नहीं है. रायल्टी पास पर सुबह 6 से शाम 6 बजे तक समय रहता है. चेंबर ने कहा कि ट्रान्सपोर्ट से दवाई, जीवानाश्यक वस्तु, कृषि, अनाज, दवाई, खाद्य पदार्थ समेत अन्य चीजे लायी जाती है. जिससे व्यापार प्रभावित होगा. ट्रान्सपोर्ट एसो ने कहा कि रात में लोडिंग व अनलोड संभव नहीं, कृषि मंडी ने रोजाना 20 से 25 हजार क्विंटल खेत माल की आवक व बिक्री होती है, इस पर प्रभाव पड़ेगा. इस तरह से सुझाव दिए है, जिस पर 22 अक्टूबर के बाद निर्णय लिया जाएगा

डेडलाइन खत्म होने के बाद निर्णय

नो एंट्री पर 22 अक्टूबर तक आपत्ति व सुझाव मांगे गए है, जिसमें 11 लोगों ने आपत्ति जताई है, जबकि 2 लोगों ने समर्थन में पत्र दिया है. इन आपत्ति व सुझाव पर पुलिस आयुक्त निर्णय लेगी

राहुल आठवले, पीआय, ट्राफिक