दशहरा के दिन 2 हत्याएं, महाजनपुरा व परतवाड़ा में मर्डर

अमरावती. विजयादशमी पर्व पर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में पुरानी रंजिश में 2 युवकों की निर्मम हत्या कर दी. शहर के खोलापुरी गेट व जिले के परतवाड़ा में त्यौहार के दिन हुई इन हत्याओं से सनसनी मची हुई है.

घर जलाने की रंजिश में हत्या

घर जलाने की पूरानी रंजिश में एक युवक पर 4 आरोपियों ने चाकू से निर्मम हत्या कर दी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतक निलेश रामदास हिरुलकर (30, अंबा विहार) है, जबकि घायल अक्षय जगन्नाथ उज्जैनकर (25 भुतेश्वर चौक) है. दशहरा की रात 9.45 बजे खोलापुरी गेट के महाजनपुरा दत्तवाड़ी में यह घटना हुई. खोलापुरी गेट पुलिस ने आरोपी निशांत दिलीप इंगले (25, दतुवाड़ी, महाजनपुरा) को हिरासत में लिया है.

12 घंटे में दबोचा मुख्य आरोपी

निलेश हिरुलकर पहले महाजनपुरा के दतुवाड़ी में रहता था. आरोपी निशांत इंगले से किसी बात को लेकर निलेश का झगड़ा हुआ. उस समय निशांत ने निलेश के घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी. जिससे निलेश अंबाविहार में किराये के मकान में रहने लगा. लेकिन इस बात का बदला लेने का विचार उसके मन में चल रहा था. इसी उद्देश से 25 अक्टूबर को दशहरा की रात निलेश अपने दोस्त अक्षय के साथ बाइक पर सवार होकर निशांत के घर पहुंचा. तूने मेरा घर जलाया था, आज मैं तेरा घर जला दूंगा, ऐसा कहकर निलेश व निशांत के बीच बहस छिड़ गई. इस बीच निशांत ने चायना चाकू से निलेश व अक्षय पर हमला कर दिया. इस हमले में निलेश की मौत हो गई, जबकि अक्षय गंभीर रूप से घायल हो गया. खोलापुरी गेट पुलिस ने निशांत इंगले को हिरासत में लिया है.

परतवाड़ा में बिच्छन नदी में फेंकी लाश

शहर के एक कुटीर अस्पताल के पीछे एक झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले सूरज श्रीकृष्ण उइके(28) की लाश राजा शिवाजी कालेज के बिच्छन नदी के पुल के पास 25 अक्टूबर दशहरा के दिन मिली. जिसमें कई चर्चाओं के बाद पुलिस ने सूरज की हत्या का सुराग लगाकर 2 आरोपियों को हिरासत में लिया. जिन्हें 3 दिन की कस्टड़ी में लिया है. पुलिस के अनुसार 23 अक्टूबर को छोटू उर्फ ​​योगेंद्र खांडे(35) व राजू उर्फ ​​बिहारी रोहन चारपे(47) ने सूरज को व्यापारियों से पैसे दिलवाकर देने का झांसा देकर बाहर ले गए थे, जिसके बाद 25 अक्टूबर को सूरज की लाश बिच्छन नदी के पुल के पास मिली. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया. जिनसे पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि सूरज के पिता श्रीकृष्ण उइके ने आरोपी छोटू उर्फ ​​योगेंद्र के खिलाफ अदालत में एक मामले में गवाही दी थी. जिसकी वजह से छोटू को 3 महीने कैद की सजा हुई थीं. इसी बात का बदला लेने के उद्देश से छोटू ने अपने साथी राजू के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी.