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  • ग्रामपंचायत चुनाव के लिए मांगे 2.76 करोड़
  • जिला प्रशासन जुटा काम में

अमरावती. कोरोना संक्रमण के चलते ग्रामपंचायत चुनाव की आधी तैयारी होने के बावजूद चुनाव स्थगित किए गए. यह चुनाव प्रक्रिया अब दुबारा की जा रही है लेकिन राज्य सरकार को कोरोना के चलते पहले ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. जिसमें ग्रामपंचायत चुनाव के चलते भी शासन का नुकसान हुआ है. 1 तो 2 नहीं तो बल्कि 61 लाख 30 हजार 472 रुपयों के खर्च पानी में चला गया. अब ग्रामपंचायत चुनाव की इस नयी प्रक्रिया के लिए जिला प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को दुबारा 2 करोड़ 76 लाख 50 हजार रुपयों की मांग की है. 

1.91 करोड़ का अनुदान लौटाया 

इसके पूर्व राज्य की 19 जिले की 1 हजार 566 ग्रामपंचायतों के चुनाव के लिए 24 फरवरी 2020 को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया. उसके अनुसार 31 मार्च 2020 को मतदान होना था. लेकिन कोविड की स्थिति निर्माण होने से 17 मार्च 2020 को उम्मीदवारी आवेदन छाननी के चरण पर ही यह चुनाव कार्यक्रम स्थगित किया गया. जिला प्रशासन को समयावधि समाप्त होनेवाली 524 ग्रामपंचायतों के चुनाव के लिए 2 करोड़ 52 लाख 48 हजार रुपयों का अनुदान प्राप्त हुआ. जिसमें जिला प्रशासन की ओर से 61 लाख 30 हजार 472 रुपये का अनुदान खर्च किया गया. लेकिन चुनाव स्थगित होने से शेष बचे 1 करोड़ 91 लाख 17 हजार 528 रुपए शासन को वापस भेजे गए. 

ग्रापं संख्या बढ़ने से डिमांड बढ़ी

दिसंबर माह में 29 ग्रामपंचायतों का समयावधि समाप्त होने से 524 की बजाए अब यह संख्या 553 हो चुकी है. जिसके लिए अब चुनाव खर्च में भी बढ़ोतरी होनी थी. इसलिए 50 हजार रुपये प्रति ग्रामपंचायत यह खर्च आने से जिला प्रशासन की ओर से राज्य शासन को 2 करोड़ 76 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान की डिमांड की गई है.