APMC meeting canceled due to lack of quorum, 11 members refuse

  • नितिन मोहोड का पत्रकार परिषद में आरोप

अमरावती. अमरावती कृषि उपज मंडी में दलाली के नाम पर किसानों की लूट होने का आरोप नितिन मोहोड़ ने पत्रकार परिषद में लगाया है. प्रत्येक किसान से उन्होंने बाजार समिति में बेचे जानेवाले खेत उत्पादन के 8 प्रतिशत दलाली (एड़वान्स) अवैध रुप से लेने की बात कहीं. किसानों को लूट बाजार समिति ने करोड़ों रुपयों की संपत्ति जमाने का आरोप भी उन्होंने लगाया है. इसके विरोध में दो अड़तों ने सभापति अशोक दहिकर व सचिव दीपक विजयकर के विरोध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. 

पुलिस थाने पहुंचा मामला 

अमरावती के सब्जी मार्केट में मोहोड ने उनके खेत की मिर्ची मार्केट में भेजी थी. वहां के अड़ते ने दलाली के नाम पर गैरकानूनी तरीके से एडवास शब्द का उल्लेख कर 8 प्रतिशत रकम काट ली. जब उन्होंने इसके पूर्व कांटे गए विक्री की रसीदें देखी तो दलालों ने एडवास के नाम पर किसानों की लूट करने की बात समझ आयी. जिसके चलते उन्होंने सीधे शहर कोतवाली पुलिस स्टेशन में पहुंचकर 2 अड़ते बनारसे व मांडले तता सभापति अशोक दहिकर, सचिव दिपक विजयकर के विरोध में शिकायत दाखिल की है. पत्रकार परिषद में युवा सेना का राहुल मोटोड़े, युवक कांग्रेस के समीर जवंजाल, अजय शिरसाट आदि उपस्थित थे. 

पार्किंग की जगह पर 12 दुकानें 

बाजार समिति की नियमावली में किसानों से दलाली नहीं ले सकते. इसलिए एडवास का फंड़ा एपीएमसी ने अपनाया है. किसानों के लिए रहनेवाली व्यवस्था पर अवैध निर्माण कार्य तैयार किया है. उनके स्वच्छता गृह पर अवैध निर्माण कार्य किया है. इतना ही नहीं तो पार्किंग के लिए दी गई जगह पर 12 प्रतिष्ठान अवैध रुप से पूर्व सभापति ने उनकी विक्री करने की है ऐसा आरोप भी लगाया. 

235 अधिकृत दलाल

किसानों को सीधे विक्री की अनुमति होने के बावजूद विक्री व दलाल व अन्य अनधिकृत व्यापारी दादागिरी कर विक्री नहीं करने देते. जिसके कारण भी सैकड़ों अवैध व्यापारी बगैर लाइसेंस के यहां दलाली व सब्जी विक्री करते है. एक सतरंजी का भी 200 रुपये किराया देते है. अमरावती बाजार समिति सबसे बड़ा मार्केट है. संपूर्ण जिले से यहां किसान पहुंचते है. इस बाजार समिति का सालाना टर्नओवर 87.83 करोड़ है. बावजूद इसके किसानों की सालाना 8 करोड़ रुपयों से धोखाधड़ी की जाती है. 

शिकायत आने पर जांच करेंगे

एडवान्स को लेकर अभी तक किसी भी किसान ने शिकायत नहीं की है. किसानों से शिकायत प्राप्त होते ही जांच समिति नियुक्त कर जांच की जाएगी और उसके अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी. – अशोक दहिकर, सभापति बाजार समिति