Bhandara School

    अमरावती. राज्य सरकार ने कोरोना मुक्त क्षेत्रों में कक्षा 8वीं से 12वीं तक स्कूल-कालेज 15 जुलाई से शुरू करने की अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए अनिवार्य ग्राम पंचायत स्तर पर पारित प्रस्ताव व अभिभावकों की सहमति अभी तक शिक्षा विभाग को नहीं मिली है. जिससे जिले में गुरुवार से आठवीं से बारहवीं तक स्कूल-कालेज शुरू होने की कोई संभावना फिलहल नजर नहीं आ रही है. जिले में कुल 1687 में से लगभग 91 प्रतिशत यानी कुल 1536 गांव कोरोना मुक्त हो गए है. 

    जिले में कुल 2885 शालाएं

    जिले में कुल 2,885 शालाएं हैं. जिसमें जिला परिषद की 1583, अनुदानित 738 और बिना अनुदानित 371 शालाओं का समावेश है. कोरोना संक्रमण से पिछले डेढ वर्ष से विद्यार्थियों को आनलाइन शिक्षा शुरू है. परंतु राज्य शासन के निर्णय के बाद कोरोना मुक्त क्षेत्रों में कक्षा 8वीं से 12वीं तक शालाएं-जूनियर कालेज शुरू करने की अनुमति मिली है. जिससे कोरोना मुक्त गांवों में शिक्षक व शिक्षा विभाग स्कूल-जूनियर कालेज शुरू करने की तैयारी कर रहे है.  

    ग्रापं स्तर पर 7 सदस्यों की समिति

    शालाओं के संदर्भ में निर्णय लेने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 7 सदस्यों की समिति गठित की गई है. इस समिति में सरपंच, पटवारी, अध्यक्ष, शाला व्यवस्थापन समिति, प्राथमिक स्वास्थ्य  वैद्यकीय अधिकारी, ग्रामसेवक, मुख्याध्यापक, केंद्र प्रमुख का समावेश है. इस समिति के अध्यक्ष सरपंच रहेंगे. 

    समिति को करना पडेंगा विचार

    शाला शुरू करने के पूर्व कम से कम 1 महीने संबंधित गांव में कोविड रोगी नहीं मिला, स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षकों का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाए, भीड़ टालने के लिए अभिभावकों को शाला परिसर में प्रवेश ना दें, विद्यार्थियों को चरण बद्ध तरीके से शाला में बुलाए, विद्यार्थियों में 6 फीट की दूरी रखे, कोई एक विद्यार्थी कोरोना पाजिटिव पाया गया तो तत्का शाला बंद करें, सैनिटराइजेशन करें, विद्यार्थियों को कोविड अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू करें. संबंधित शाला के शिक्षक की व्यवस्था गांव में ही करें अथवा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ना हो पाए. इस बातों का विचार करना जरूरी है.  

    एक भी प्रस्ताव नहीं मिला 

    राज्य शासन की सूचना के अनुसार कोरोना मुक्त क्षेत्रों में शालाएं शुरू करने की सूचना दी गई है. लेकिन इसके लिए ग्रामपंचायत स्तर पर समिति का प्रस्ताव तथा अभिभावकों की सहमति आवश्यक है, परंतु 12 जुलाई तक एक भी प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. जिससे प्रस्ताव प्राप्त होते ही शाला शुरू करने निर्णय लिया जाएंगा. -ईझेड खान, जि शिक्षाधिकारी