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  • संशोधित प्रारुपानुसार मिले निधि

अमरावती. केंद्र सरकार ने एकात्मिक बालविकास सेवा योजनांतर्गत पूरक पोषण कार्यक्रम के लिए वर्ष 2020-21 में संशोधित प्रारुप के अनुसार 2 हजार 3 कोटी 91 लाख रुपए की मान्यता देकर निधि महाराष्ट्र को उपलब्ध कराए. यह आग्रह राज्य की महिला व बाल विकास मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात कर किया.

कोरोना के कारण लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से संशोधित प्रारुप करना अनिवार्य हो जाने से पूरक पोषण कार्यक्रम सुचारु रखने के लिए यह निधि समय पर उपलब्ध होना अत्यावश्यक होने का अनुरोध भी यशोमति ने किया. इस समय केंद्रीय महिला व बालविकास मंत्रालय के सचिव राम मोहन मिश्रा उपस्थित थे.

राज्य सरकार का 1700 करोड़ का प्रावधान

राज्य के महिला व बाल विकास विभाग का केंद्रीय मंत्रालय पर प्रलंबित निधि उपलब्ध कराने को लेकर नई दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री ईरानी से मुलाकात करने महाराष्ट्र के प्रतिनिधि मंडल में मंत्री ठाकुर के साथ राज्य की विभाग सचिव कुंदन कौशिक, एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना आयुक्त इंद्रा मालो, महिला व बालविकास आयुक्त डॉ. ऋषिकेश यशोद मौजूद थे.  एकात्मिक बालविकास सेवा योजनांतर्गत पूरक पोषण कार्यक्रम के लिए राज्य शासन ने केंद्र को वर्ष 2020-21 के लिए मार्च 2020 में 1 हजार 630 करोड़ 2 लाख रुपए का वार्षिक प्रकल्प अमल प्रारुप (एपीआयपी) पेश किया था, लेकिन कोरोना संकट के कारण पूरक पोषण कार्यक्रम का क्षेत्र बढ़ाना पड़ा.

अप्रैल 2020 से पूरक पोषण कार्यक्रम के लाभार्थियों की संख्या में 7 लाख 27 हजार से अधिक बढ़ोतरी हुई. जिससे निधि बढ़ाकर देने का प्रावधान जरुरी हो गया है. इसके लिए संशोधित 2 हजार 3 करोड़ 91 लाख रुपए का संशोधित वार्षिक प्रकल्प अमल प्रारुप शुक्रवार को मंत्री यशोमति ने केंद्रीय मंत्री ईरानी के सुपूर्द कर इसे यथाशीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया. महाराष्ट्र सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए इस वर्ष 1 हजार 700 करोड़ का प्रावधान किये जाने की जानकारी भी दी. 

कोरोना के संकटकाल में महानगरों में काम करने वाले मजदूर अपने मूल गांवों में स्थलांतरित हो जाने से पूरक पोषण लाभार्थियों में बढ़ोतरी हुई. साथ ही कुछ परिवार राज्य अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों से स्थलांतरित होकर पोषण कार्यक्रम का लाभ ले रहे है. इसके पहले एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना (आयसीडीएस) सेवा का लाभ नहीं ले रहे घटक भी अब इस योजना का लाभ ले रहे है. कोरोना महामारी की कालावधि में सभी शालाएं बंद होने से निजी शालेय पूर्व पाठ्यक्रम  (प्ले स्कूल) में अध्ययनरत 3 से 6 वर्ष आयु वाले उन बच्चों को भी पोषण कार्यक्रम का लाभ दिया गया, जो भी तक इस योजना में शामिल नहीं थे. जिससे संपूर्ण महाराष्ट्र में लाभार्थियों की संख्या में अप्रैल 2020 से 1 लाख 27 हजार से अधिक लाभार्थी बढ़े. 

15 वें वित्त आयोग के तहत दें 554 करोड़   

केंद्र शासन ने 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत नवीनतम योजना चलाने के लिए महाराष्ट्र को 554 करोड़ रुपये मंजूर किए है. राज्य शासन ने इसके लिए 277 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. केंद्र शासन ने अभी भी महाराष्ट्र को यह निधि वितरित नहीं किया है. पूरक पोषण के लिए नवीनतम उपक्रम शुरू करने के लिये यह निधि शीघ्र मिलना आवश्यक है. यह आग्रह भी मंत्री यशोमति ने केंद्रीय मंत्री ईरानी से इस समय किया