Corona hit on greenery, impact on nursery business

    अमरावती. राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होलकर नर्सरी योजना का क्रियान्वयन सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. किसानों को अनुदान के आधार पर नर्सरी के लिए फ्लैट टाइप शेड नेट, प्लास्टिक टनल निर्माण और अन्य उपकरण प्रदान किए जाते हैं. प्रत्येक तहसील में नर्सरी स्थापित करने के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए व्यापक प्रयास करने के निर्देश राज्य की महिला व बाल विकास मंत्री व जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने मंगलवार को दिए. 

    18 सब्जी नर्सरी का लक्ष्य 

    किसानों का जीवन स्तर वृध्दिंगत करने तथ आय के विभिन्न स्रोत बनाने के लिए सरकारी की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहे है. मुख्य फसलों के साथ सब्जी उत्पादन और अन्य सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. तदनुसार, जिले में किसानों के लिए सब्जी नर्सरी स्थापित करने के लिए सामान्य वर्ग के लिए 15 और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 3 इस प्रकार कुल 18 नर्सरी का उद्देश्य हैं. लेकिन, कुछ तहसीलों में लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है. इसलिए, तहसील कृषि अधिकारियों के माध्यम से, किसानों को योजना के बारे में सूचित कर आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाने की सूचना यशोमति ने दी.

    9 तहसीलों से आवेदन नहीं

    जिला कृषि अधीक्षक विजय चावले ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक तहसील में नर्सरी स्थापित की जानी है. तदनुसार, अमरावती, मोर्शी, अचलपुर तहसीलों को सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए एक-एक नर्सरी आवंटित की गई है. भातकुली, धामणगांव रेलवे, नांदगांव खंडेश्वर, अचलपुर, अंजनगांव सुर्जी, दर्यापुर, चिखलदरा, वरुड, चांदूर बाजार तहसीलों से अभी तक किसानों से आवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं. योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम 0.40 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए.

    नर्सरी के निर्माण के लिए पानी की सुविधा होनी चाहिए. इस योजना में महिला कृषि स्नातकों को पहली, महिला समूह या महिला किसानों को दूसरी प्राथमिकता दी जाएगी जबकि सब्जी उत्पादकों, अत्यल्प भूधारक किसानों और किसान समूहों को तीसरी प्राथमिकता दी जाएगी. टमाटर, बैगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, मिर्च, प्याज आदि और अन्य सब्जियों की फसलों के लिए नर्सरी स्थापित की जाएगी. इसमें 1 हजार वर्गमीटर में 3.25 मीटर ऊंचा फ्लैट टाइप शेडनेट हाउस है, 380 रुपये प्रति वर्ग मीटर मानदंड के अनुसार 3 लाख 80 हजार रुपये के प्रकल्प खर्च के लिए 1 लाख 90 हजार अनुदान राशि दी जाएगी.

    प्लास्टिक टनल के निर्माण के लिए 1 हजार वर्गमीटर. क्षेत्रफल, 60 प्रति वर्ग मी. मानदंड के अनुसार 60,000 प्रकल्प खर्च के लिए 30,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. पावर नैपसेक स्प्रेयर के 7,600 रुपये की खर्च की आधी सब्सिडी मिलेगी. 62 प्लास्टिक क्रेटों के लिए 200 रुपये के हिसाब से 12,400 रुपये के खर्च का आधा अनुदान मिलेगा.