जिले में ‘समृद्धि’ का निर्माण अंतिम चरण में, केवल 20 प्रतिशत निर्माण बाकी

    अमरावती. विदर्भ को समृद्ध करने वाले समृद्धि महामार्ग का निर्माण अंतिम चरण में है. जिले के धामणगांव रेलवे,चांदूर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर इन तीन तहसीलों से होकर गुजर रहे इस महामार्ग का 80 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो गया है. शेष 20 प्रतिशत काम अगले तीन से चार महीनों में पूरा होने की उम्मीद है.

    लाकडाउन प्रतिबंधों में ढील दिए जाने और राज्य के बाहर के श्रमिकों के काम पर लौटने के कारण अब इस काम में दुबारा तेजी आई है. ऐसा समृद्धि महामार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी देख रहे अधिकारियों ने बताया. 

    जिले में 73.367 कि.मी

    समृद्धि हाईवे का शिर्डी तक का चरण शुरू करने के लिए पहले 1 मई की डेडलाईन थी. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर व लाकडाउन के चलते मार्च से ही समृद्धि का कार्य ठप पड़ गया, लेकिन अब राज्य के बाहर के मजदूर काम पर लौट रहे है. इसलिए समृद्धि के कामों में तेजी आने की उम्मीद है. जिले में 2850 करोड़ रुपये की लागत से 73.367 किमी लंबी और 120 मीटर चौड़ी यह परियोजना अगले कुछ महीनों में पूरी होने की उम्मीद है. 

    बारिश से खलल 

    कोरोना लाकडाउन के बाद अब बारिश शुरू होने के कारण समृद्धि राजमार्ग पर काम में देरी होने की संभावना है. मार्च में तालाबंदी लागू होने के बाद राज्य के बाहर के श्रमिक लौट आए थे. और हाईवे के निर्माण का काम तेज हो गया. लेकिन अब बारिश के चलते यह निर्माण कार्य बाधित होने की संभावना है. 

    20 प्रतिशत काम बाकी

    अमरावती जिले के धामणगांव रेलवे, चांदूर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर तहसील के 46 गांवों से गुजरने वाले इस राजमार्ग का काम विभिन्न स्थानों पर चल रहा है. इन विभिन्न स्थलों पर लगभग 20 प्रतिशत ही कार्य शेष है.  जिले में यह राजमार्ग धामणगांव रेलवे के आष्टा गांव से शुरू होता है और नांदगांव खंडेश्वर तहसील के रामनाथ गांव में समाप्त होता है.

    निर्माण प्रगति पर 

    तालाबंदी के कारण मजदूरों की वापसी से हाईवे पर काम बाधित रहा. हालांकि अब राज्य के बाहर के मजदूर लौट आए हैं. इसके चलते हाईवे के काम में तेजी आई है. जिले में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.20 फीसदी काम जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन बारिश के कारण यह कार्य बाधित होने की संभावना है.-संगीता जयस्वाल, परियोजना निदेशक, समृद्धि हाईवे