16.1 lakh quintals Bought cotton, bought a record of white gold

दर्यापुर. दीपावली जैसा पर्व सामने है. ऐसे में कपास उत्पादक अपना माल बेचने की तैयारी में है. लेकिन लचर प्रशासकिय यंत्रणा के चलते किसान बेहाल हो रहे है. सरकारी कपास खरीदी के लिए सीसीआइ ने  पंजीयन प्रक्रिया तो शुरु की गई है. लेकिन राजस्व विभाग के पटवारी की साईट ही बंद होने से सात बारह पर कपास दर्ज नहीं हो पा रही है. जिससे किसानों को भारी असुविधा हो रही है. 

सीसीआइ ने शुरु किया रजिस्ट्रेशन

तहसील में सीसीआई द्वारा कपास खरीदी पंजीयन प्रक्रिया 23 अक्तुबर से आरंभ की गई है. पंजीयन के लिए नया सात बारह, आधार, बैंक की पास बुक जैसे दस्तावेज जरुरी है. इसके लिए किसान  पटवारी कार्यालय के चक्कर काट रहे है. लेकिन पटवारी कार्यालय की साईट गत 4 दिनों से बंद है. जिससे किसानों के सात बारह अपडेट नहीं हो पा रहे है. इससे किसान कपास खरीदी का पंजीयन करवाने में पिछड़ रहे हैं. जिन्होंने पहले ही सात बारह अपडेट करवा लिया है. वे पंजीयन करवाकर नंबर हालिस कर रहे है. अन्य किसान परेशान है. शनिवार व रविवार अवकाश का दिन होने से अब सोमवार को ही तकनीकी मरम्मत होने की संभावना है. देरी से पंजीयन किए जाने पर कपास खरीदी की सूची में नंबर भी देरी से आएगा. जिससे दीपावली तक कपास की बिक्री वे कर पाएगें या नहीं इसकी चिंता न केवल किसानों को बल्कि उनके परिवारों को है. 

किसानों की मुसीबत बढ़ी

फेडरेशन की पंजीयन प्रक्रिया दशहरे के बाद काटन फेडरेशन ने अब तक पंजीयन प्रक्रिया शुरु नहीं की है. दशहरे के बाद  यह प्रक्रिया शुरु होने की संभावना है. फिलहाल फेडरेशन के अधिकारियों ने एपीएमसी को पंजीयन प्रक्रिया को लेकर कोई पत्र तक नहीं दिया है. ऐसे में कपास खरीदी में विलंब होने की संभावना है. इस बार फेडरेशन ने शुरुवात में  अमरावती जिले के 6 केन्द्र शुरु करने के लिए  की सूची वरिष्ठ स्तर पर भेजी है. इनमें अमरावती, वरुड, दर्यापुर, अंजनगांव सुर्जी, लेहगांव, व अचलपुर का नाम है. लेकिन इस पर कोई आदेश नहीं मिले है. 

वरिष्ठों को दी सूचना

राजस्व विभाग की साईट गत 4-5 दिनों से बन्द है जिससे किसानों को परेशानी हो रही है. हमने वरिष्ठ स्तर पर सूचना दी है. जल्द ही इस समस्या का हल निकलेगा. इसके लिए हम प्रयासरत है. 

– डा. योगेश देशमुख, तहसीलदार