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मोर्शी: तहसील के घोडदेव व डोंगरयावली परिसर में 22 जून को चक्रवाति तूफान के साथ अचानक आयी मुसलाधार बारिश ने संतरा, साग समेत अन्य सैंकडों पेडों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. अनेक पेड जड के साथ धराशाही हो गए है. जिससे करोडों की क्षति का अनुमान है. रात करीब 1 बजे तूफान से मनीष गुडधे के खेत का गोठा गिरने से गाय भी जख्मी हुई. सौभाग्य से उसके प्राण बच गए. 

कृषि विभाग ने लिया जायजा
इस क्षति की सूचना बलीराजा संतरा उत्पादक संस्था के अध्यक्ष रुपेश वालके ने कृषि विभाग को दी. जिसके बाद तहसील कृषि अधिकारी कुंटावार, मंडल कृषि अधिकारी पांडुरंग मस्के, कृषि पर्यवेक्षक मोहन फुले, कृषि सहायक दिनेश चौधरी, प्रवीण सातव, रुपेश वालके, अजय केंदले ने भेंट देकर नुकसान का जायजा लिया.

उम्मिदों पर पानी फिरा
मोर्शी तहसील संतरा उत्पादन के लिए प्रसद्धि होने से इसे विदर्भ का कैलिफोर्निया कहा जाता है. तहसील के संत्रा उत्पादक किसान बीते कुछ वर्षों से अकाल के साथ विभन्नि संकटों का सामना कर रहे है. उसमें भी कोरोना के चलते लागू नर्यिात बंदी के कारण कौडीमोल दामों में संतरा बेचना पडा. बीते माह में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि फिर टड्ढिों का हमला आदि से किसान पस्त हो चुका है. इसके बावजूद मौजुदा आंबिया बहार में बेहतर उत्पादन की आंस किसानों की बंधी थी, लेकिन तूफान ने उनकी उम्मिदों पर पानी फेर दिया है.