प्रयास: रेल मंत्री का सांसद राणा को पत्र, सकारात्मक संकेत

    • ग्रामीणों की लाइफ लाइन शकुंतला फिर दौड़ेंगी 

    अमरावती. तीनों जिलों को जोड़ने के साथ ही ग्रामीणों की लाइफ लाइन मानी जाती शकुंतला रेलवे निकट भविष्य में दोबारा पटरी पर दौड़ने के सकारात्मक संकेत है. इस संदर्भ में सांसद नवनीत राणा ने 22 सितंबर 2020 को लोकसभा में मुद्दा उठाया था.

    जिसके जवाब में तत्कालीन रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने सांसद राणा को 5 जुलाई को भेजे पत्र में कहा है कि मूर्तिजापुर-दर्यापुर-अचलपुर (77 किमी), मूर्तिजापुर से यवतमाल (113 किमी), आर्वी से पुलगांव (35 किमी) इस प्रकार कुल 225 किमी का रेलवे मार्ग सेंट्रल प्रोवेंसीयल (सीपी) कंपनी द्वारा स्थापित व संचालित है. इस पर अब भी सीपी कंपनी का ही मालिकाना अधिकार है.

    केंद्र सरकार ने 2017-18 में पूंजी निवेश कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार के साथ साझेदारी में इस मार्ग और अपने नियंत्रण में शकुंतला रेलवे को राज्य सरकार के साथ फिर से शुरू करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अभी तक सीपी कंपनी के साथ कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. यह समझौता होते ही राज्य सरकार की सहमति के बाद शकुंतला रेलवे फिर पटरी पर आने के जानकारी तत्कालीन रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने दी है.  

    फारेस्ट की एनओसी से रूका धुलघाट मार्ग

    मेलघाट से गुजरने वाला डाबका से धुलघाट रेलवे मार्ग वन विभाग की एनओसी के कारण लटका होने की बात गोयल ने पत्र में कही है. इस एनओसी के बाद ही इसका काम शुरू होगा. इस संदर्भ ममें सांसद नवनीत 19 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून अधिवेशन में मुद्दा उठाकर समस्याएं सुलझाने के लिए प्रयास करेंगी.