corona

अमरावती. कोरोना दूसरी लहर के चलते महानगरपालिका ने भी फूंक फूंक कदम रखना शुरू कर दिया है. मनपा अंतर्गत आनेवाले आरटीपीआर टेस्ट सेंटर दुबारा शुरू किए जाने से निगमायुक्त प्रशांत रोड़े ने शनिवार को इन सेंटर पर भेंट देकर निरीक्षण किया. सेंटर को अत्यावश्यक सुविधा उपलब्ध कराइ गई बावजूद इसके जैसे चाहिए उस तरह कोरोना टेस्ट की संख्या नहीं बढ़ने के चलते स्वास्थ्य टीम को कोरोना टेस्ट बढ़ाने पर जोर दिया. जिससे कोरोनाबाधित व्यक्ति अन्य किसी के संपर्क में आने के पहले ही आयसोलेट हो सके और इलाज करने में आसानी हो. इस समय सेंटर पर आनेवाले बाधित व्यक्तियों को सुविधा उपलब्ध हो रही की नहीं इसकी जानकारी उन्होंने ली. 

सारी के मरिजों पर भी दें ध्यान 

इस समय उन्होंने टिम को बताया कि सेंटर के कारण नागरिकों के टेस्ट की प्रक्रिया गतिमान होनी चाहिए. 15 से 20 मिनट में मरिज पाजीटिव्ह है अथवा नहीं इसकी जानकारी मिलती है. यदि पाजिटिव है तो उन्हें तुरंत ही इलाज के लिए दाखिल किया जा सकता है. कोरोना ग्रस्तों की संख्या बढ़ती जा रही है.

ऐसे में संक्रमित लाभार्थी खुले में घूम रहे है लेकिन उन्हें भी पता नहीं होता कि वह कोरोना बाधित है इसलिए लक्षण नहीं रहने पर भी कोरोना टेस्ट कराने का आह्वान किया. कंटन्मेंट टैमिनाटेड व हॉटस्पॉट के आयएलएआय तथा सारी के मरिजों को भी  ढूंढने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की टिम पर है. परिसर में संदिग्छ मरिजों की जांच होनी चाहिए इसलिए जानकारी जमा करने के निर्देश रोड़े ने दिए. 

कॉन्ट्रक्ट ट्रेसिंग बढ़ाए

कोरोना बाधित व्यक्तियों के संपर्क में आनेवाले लोगों की कॉन्ट्रक्ट ट्रेसिंग बढ़ानी चाहिए. कोविड का लक्षण नहीं दिखनेवाले मरीज का आरटीपीसीआर कर जांच करना आवश्यक है. इस मरीज का यदि आरटीपीसीआर का नतीजे पाजिटिव पाया जाता है तो जल्द ही कार्रवाई हो सकती है. इसलिए नागरिकों ने भी लक्षण दिखने तथा लक्षण नहीं दिखने पर भी कोविड 19 की जांच करानी ही चाहिए ऐसा आवाहन करते हुए जनजागृति करने के निर्देश दिये. नागरिकों ने भी दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए सुरक्षितता अपनाने की अपील की. 

घर पर ही सुरक्षित रहे

खांसी बुखार, सांस लेने के तकलीफ, वृध्द-बुजूर्ग व दिव्यांग व्यक्तियों को परेशानी होने पर कोविड 19 के अस्पताल को जानकारी देकर वहां के शहरी स्वास्थ्य केंद्र के वैद्यकिय अधिकारियों से सलाह लेनी चाहिए. नागरिकों ने अब घर पर ही सुरक्षित रहना चाहिए. परिसर के नागरिकों ने भी सोशल डिस्टसिंग का पालन करना चाहिए. -प्रशांत रोड़े निगमायुक्त