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    चिखलदरा. लगातार ढाई महीनों से लगे कड़क लोकडाउन के बाद जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार से कुछ समय के लिए सभी दूकानों को शुरू करने की राहत प्रदान की है. जिससे दूकानों की कुछ रौनक लौट तो आयी है, लेकिन राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक पर्यटन पर अभी भी निर्बंध लगे हुए है, जिसके कारण पर्यटन नगरी अनलाक के बाद भी लाकड़ाउन की मार झेल रही है. 

    जून में खिल उठा प्राकृतिक सौंदर्य 

     अन्य शहरों के अनुसार चिखलदरा शहर की व्यवसायिक स्थिति भिन्न है. जहां रोजगार का एकमात्र साधन पर्यटन है. जिसके बिना यहां वैसे भी लाकडाउन ही लगा रहता है. मात्र दस हजार की जनसंख्या वाले इस हिल स्टेशन पर केवल सैलानियों से ही रौनक रहती है. जिनकी वजह से यहां छोटे-बड़े सभी व्यवसाय चलते है. प्रतिवर्ष जून के दूसरे सप्ताह के बाद से मेलघाट का सौंदर्य अपने चरम पर होता है.

    जहां सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखला पर हरियाली आने के बाद आसमान भी यहां की धरती पर झूक जाता है. जिसे देखने के लिए देश-विदेशों से सैकड़ों पर्यटक यहां हाजरी लगाने चले आते है. यह सीजन जून माह से लेकर दिसंबर तक हाउसफुल चलता है. जिससे यहां के लोगों को रोजगार प्राप्त होता है, लेकिन पिछले एक वर्ष से यहां की व्यावसायिक स्थिति चरमरा गई है.

    90 प्रश लोग बेरोजगार 

    विदित हो कि यहां के 90 फीसदी व्यवसाय  होटल, रेस्तरां, सफारी जिप्सी, गाइड, गर्म कपडे, चिखलदरा कॉफी, जंगली शहद, जैसे कई व्यवसाय केवल पर्यटकों पर निर्भर है, जिन्हें  इस अनलॉक प्रक्रिया में कोई राहत नहीं मिल पाई है. जिसके कारण यहां के व्यवसायियों ने पर्यटन के लिए अनुमति मांगी है. 

    मंदी ने घेर लिया

    पिछले दो वर्षों से यहां के होटल व्यवसायियों को काफी मंदी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई कर्मचारी बेरोजगार हो चुके है. साथ ही बिजली और पानी के बिल भरना भी मुश्किल हो गया है, प्रशासन द्वारा पर्यटन क्षेत्र को भी कुछ रहत मिलना चाहिए, जिससे कोविड के नियमों का पालन कर हम फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सके. जिससे पर्यटन नगरी की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.-मनोज शर्मा, सचिव होटल ऑनर असोशिएशन

    कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन

    कई दिनों से लगे कड़क लाकडाउन की वजह से लोग उब चुके है. जिनको यहां के प्राकृतिक सौंदर्य से काफी राहत मिलेगी. साथ ही हम अपनी ओर से कोविड के सभी नियमों का पालन कर रहे है. जिसमें मास्क, सोशल डिस्टेंस, सैनिटाइजर जैसी सुविधाएं भी पर्यटकों को उपलब्ध करवाई जायेगी. जिससे संक्रमण भी नहीं फैलेगा और व्यवसायों को भी चालना मिलेगी.-सूरज तिवारी, होटल संचालक