अंतत: वघाल वासियों को मिला नया ट्रान्सफार्मर, 8 दिनों से किसानों का संघर्ष

    वरुड : बिते सप्ताह भर से बिगडे पडे वघाल के ट्रान्सफार्मर की समस्या अंतत: हल हो गया. बिजली वितरण कंपनी द्वारा सोमवार की शाम 63 केवी क्षमता का नया ट्रान्सफार्मर लगने से किसानों के जान में जान आयी है. बकाया बिल अदा करने के बाद भी वघाल गांव की डीपी क्र. 6 के किसानों के कृषि पंपों को बिजली आपूर्ति नहीं होने से संतरा, मोसंबी बगिचे सुखने लगे.

    आंबिया बहार के फल बडे पैमाने में गलने से उत्पादक परेशान हो रहे थे. इस वजह से बिजली वितरण कंपनी के इस अडियल रवैए की शिकायत ग्राहक मंच में कराने का निर्णय भी उत्पादकों ने लिया था. लेकिन अब डीपी पर ट्रांसफार्मर लगने से राहत महसूस की जा रही.

    नुकसान भरपाई मांगेगे

    पिछले हफ्ते से वघाल के बिगडे ट्रांसफार्मर की मरम्मत नहीं की गई थी. बकाया भुगतान किए बिना उनकी मरम्मत नहीं करने की बात कंपनी द्वारा किए जाने पर किसानों ने बिजली कंपनी को बकाया बिल का भुगतान किया, लेकिन 4 दिन के बाद भी, बिजली कंपनी के पास ट्रांसफार्मर की मरम्मत नहीं की थी. वास्तव में, बिगडे ट्रांसफार्मर को बदल कर तुरंत एक नया स्थापित करना आवश्यक था.

    जिन लोगों ने अपने बकाया का भुगतान किया है उन्हे बिजली आपूर्ति करनी थी, जबकि जिनका बकाया है उनके बिजली आपूर्ति के बारे में बाद में निर्णय लिया जा सकता था. राम इंगलकर, यादव दलवी, साहेबराव जावलेकर, नरसिंग शिंदे, वामन विंचूरकर, वासुदेव विंचूरकर समेत अनेक किसानों ने बकाया भुगतान किया है. लेकिन बिजली आपूर्ति नहीं कि जाने किसानों का काफी नुकसान हुआ है. जिसकी भरपाई मांगने की तैयारी किसान कर रहे है.

    डीपी का लोड कम करें

    डीपी क्रमांक 6 पर 63 केवी क्षमता का नया ट्रान्सफार्मर भले की बिठाया गया हो, लेकिन बिजली कनेक्शन अधिक होने से लगातार फेज टूट रहा है. जिसके चलते लोड कम करने की आवश्यकता है. -धनंजय विंचुरकर, पूर्व सरपंच 

    नुकसान भरपाई दे

    8 दिनों से ट्रान्सफार्मर बिगडा होने से सिंचाई के अभाव में बडे पैमाने में फल गले है. जिससे किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है. बिजली वितरण कंपनी ने नुकसान भरपाई देना चाहिए अन्यथा ग्राहक मंच में शिकायत करेंगे. – अनंत दलवी, संतरा उत्पादक