सादगी से ही मनेगा गणेशोत्सव, गृह मंत्रालय की गाइड लाइन

    अमरावती: कोरोना की दूसरी लहर भले की समाप्ती पर हो, लेकिन संभावित तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर राज्य के गृह मंत्रालय ने इस वर्ष भी गणेशोत्सव सादगी से मनाने के लिए मंगलवार को दिशा निर्देश जारी किए है. गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी गणेश स्थापना व विसर्जन पर शोभायात्रा आयोजन पर पाबंदी होगी. गाइड लाइन में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोरोना स्थितियों के मद्देनजर समय समय पर लागू पाबंदियां कायम रहेगी. इसमें गणेशोत्सव को लेकर कोई ढील नहीं दी जाएगी. 

    मंडलों में 4 फीट, घरों में 2 फीट की मूर्ति

    इस वर्ष 10 सितंबर से आरंभ होने वाले इस पर्व पर गत वर्ष की तरह कोरोना का साया है. जिसके चलते सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में 4 फीट तक की और घरों में 2 फीट तक की ही मूर्तियों की स्थापना की अनुमति है. नई नियमावली के अनुसार सार्वजनिक मंडलों को प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. विसर्जन कृत्रिम तालाबों में ही किया जा सकेगा.

    सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के पंडालों में भीड़ न बढाने की हिदायत दी गई है. इतना ही नहीं तो आरती, भजन, कीर्तन के समय भी भीड़ न करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी मंडलों को सांस्कृतिक कार्यक्रम की बजाय स्वास्थ्य पर आधारित कार्यक्रम लेने और भक्तों के लिए आनलाइन दर्शन की व्यवस्था करने कहा गया है.

    मूर्तिकार फिर निराश 

    नई गाइड लाइन ने मूर्तिकारों को फिर निराश किया है. उन्हें उम्मीद थी कि घटते कोरोना संक्रमण के कारण कम से कम मूर्तियों के आकार में छूट दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. गत वर्ष भी कोरोना के चलते गणेशोत्सव सादगी से मनाए जाने के कारण मूर्तियां बिकी ही नहीं हुई, केवल छोटी मूर्तियों की ही बिक्री हुई. इस बार भी कोविड-19 के कड़े के नियमों को ध्यान में रखते हुए सादगी से गणेशोत्सव मनाये जाने की सूचना है. जिससे अब मूर्तिकारों की समस्या जस की तस है. हर वर्ष केवल गणेशोत्सव और नवदुर्गोत्सव के भरोसे ही मूर्तिकार और अपने पूरे परिवार का वार्षिक खर्च का प्रबंध करते हैं, लेकिन कोरोना के चलते उनकी आर्थिक हालत बिगड़ गयी है.