22 तहसीलों में घटा, 34 में बढ़ा भूजल स्तर; संभाग की प्री-मानसून सर्वे रिपोर्ट

    अमरावती. मानसून से पहले भीषण ग्रीष्मकाल के मई माह में संभाग की 56 तहसीलों में किए गए सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 34 तहसीलों का भूजल स्तर बढ़ा है. हालांकि 22 तहसीलों में यह स्तर घटा है. भूजल सर्वेक्षण विभाग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार अकोला के अधिकांश तहसीलों में पानी की लेवल घटी है. जबकि वाशिम के सभी तहसीलों स्तर बढ़ा है.

    यवतमाल में भूजल स्तर घटने- बढ़ने वाली तहसीलों की संख्या समान है. अमरावती और बुलडाना जिले की अधिकांश तहसीलों में यह स्तर बढ़ा है. इस सर्वे के भूजल स्तर के आंकड़ों की तुलना पिछले पांच वर्ष के औैसत भूजल स्तर से की जाती है. जिसके आधार पर स्तर बढ़ने या घटने की रिपोर्ट बनाई जाती है.

    दो वर्षों की शानदार बारिश का असर

    मई माह में भीषण गर्मी के कारण जमीनी जलस्तर निचले स्तर पर होता है. यही वजह है कि इस माह में सर्वेक्षण किया जाता है. संभाग के पांच जिलों की 56 तहसीलों में किए गए इस सर्वे में लगभग 60 प्रतिशत तहसीलों में भूजल स्तर बढ़ा है. वर्ष 2019 तथा वर्ष 2020 में हुई झमाझम बारिश के कारण यह भूजल स्तर बढ़ने का अनुमान है.

    संभाग में प्रति वर्ष लगभग 853 मिमी औसत बारिश अपेक्षित रहती है. वर्ष 2019 में 840.5 मिमी बारिश हुई, जबकि वर्ष 2020 में 870 मिमी बारिश दर्ज की गई. वर्ष 2021 में भी मौसम विशेषज्ञों ने शानदार बारिश का अनुमान व्यक्त किया है. जिससे अगले वर्ष भूजल स्तर में और सुधार होने की उम्मीद है.

    5 तहसीलों में 2 मीटर तक इजाफा

    जिन 34 तहसीलों में जलस्तर बढ़ा है, इनमें 29 तहसीलों में 0 से 1 मीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जबकि पांच तहसीलों में 1 से 2 मीटर तक इजाफा हुआ है. यह सभी तहसील अमरावती जिले की नांदगांव खंडेश्वर, मोर्शी, वरुड़, अंजनगांव सुर्जी, चिखलदरा है. जबकि जिन 22 तहसीलों में जलस्तर घटा है. इनमें 19 तहसीलों में 0 से 1 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है. जबकि अमरावती जिले के चांदूर बाजार व अकोला जिले के तेल्हारा तहसील में 1 से 2 मीटर की कमी तथा संभाग में एकमात्र अमरावती जिले के दर्यापुर तहसील में 2 से 3 मीटर तक जलस्तर कम हुआ है. 

    वरुड़, मोर्शी ड्राई जोन से निकलने की उम्मीद

    बीते कुछ वर्षों से अमरावती जिले के वरुड़ व मोर्शी तहसील में अपेक्षा से अधिक भूजल स्तर घटने के कारण इनका समावेश ड्राई जोन में किया गया था. लेकिन इस वर्ष की रिपोर्ट में वरुड़ तहसील में 1.38 मीटर तथा मोर्शी तहसील में 1.85 मीटर भूजल स्तर बढ़ा है. यदि ऐसा ही सुधार प्रति वर्ष रहा तो यह दोनों क्षेत्र ड्राई जोन से बाहर आने की उम्मीद लगाई जा सकती है. जिससे संतरा उत्पादक किसानों को निश्चित ही राहत मिलेगी.  

    जिला वार भूजल स्तर घटने व बढ़ने वाली तहसीलों की संख्या

    जिला कुल तहसील घटा बढ़ा

    अमरावती 14 4 10

    अकोला 7 6 1

    वाशिम 6 0 6

    बुलडाना 13 4 9

    यवतमाल 16 8 8

    कुल 56 22 34