1 एकड में 10 लाख की हरिमर्च, तीन तुड़ाई में 50 क्विंटल उत्पादन

वरुड. मिर्च उत्पादन के पहचाने जाने वाले वाडेगांव के किसान दिलीप बरांगे का मानना है कि खेती हमें धोका  नहीं देती लेकिन उसे परिश्रम और नियोजनबध्दता के साथ नई तकनिक अपनाकर खेती करने की जुरुरत है. इस बार उन्होंने खेत में हरी मिर्च  की  बुआई की. केवल एक एकड जमीन पर तीन तुडाई में पचास क्विंटल मिर्च उत्पादन हुआ. बाजार मूल्य के अनुसार इस माल की कीमत 10 लाख रुपए है. इस रिकार्ड उत्पादन से अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा ले रहे है. 

संतरा उत्पादन को दाम ना  मिलने से अब किसान मिर्च उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे है. यहां की मिर्च की मांग पूरे देश के साथ ही बांगलादेश में भी बडे पैमाने पर है. ऐसे में दिलीप बरांगे के मिर्च के खेत का रिकार्ड उत्पादन देखकर न केवल आस पास के किसान बल्कि कृषि अधिकारी राजु सावले ने अपनी टीम के साथ वहां भेंट दी. 

युवा किसान बरांगे महिको कंपनी के नवतेज व वैष्णवी बीज की बुआयी व पहली बारिश में ही एक एकड में 4880 पौधे उगे. कृषि विषेशज्ञों से मार्गदर्शन लेकर व नए किटनाशकों का उपयोग कर फसल पर छिडकाव किया. पहली तुडाई में 2 क्विंटल, दूसरी तुडाई में 15 क्विंटल मिर्च उत्पादन मिला. तीसरी तुडाई शुरू है. जिसमें अब तक 35 क्विंटल मिर्च की तुडाई हो चुकी है. इस तरह 50 क्विंटल से अधिक मिर्च उत्पादन हुआ. इस कार्य के लिये बरांगे परिवार के साथ ही 25 महिला मजदूरों को रोजगार उपलब्ध हुआ. सीजन के आखिरी तक 200 क्विंटल उत्पादन अनुमानित है. 

कौन कहता है खेती घाटे का सौदा
बदलते समय के साथ फसलें बदलना भी आवश्यक है. किसान एक ही प्रकार की फसल पर निर्भर ना रहे. परिश्रम, नई तकनीक व संशोधन के साथ खेती करें. कौन कहता है खेती घाटे का सौदा है. सही तरीके से खेती करने पर अच्छी आय मिल सकती है.-दिलीप बरांगे, युवा किसान