65,658 farmers deprived of crop loans

अमरावती. खरीफ फसल कर्ज के आंकडे बढाने का प्रयास गत् 5 वर्षों में नहीं हो पाया. लेकिन इस वर्ष महाविकास आघाडी सरकार ने पांच वर्षों का रिकार्ड तोडते हुए खरीफ फसल कर्ज वितरण का प्रतिशत बढाया है. 30 से 35 फीसदी से अधिक खरीफ फसल कर्ज वितरित नहीं हो पा रहा था. लेकिन इस वर्ष 58 फीसदी कर्ज वितरण हुआ. जिसमें महात्मा फुले कर्जमुक्ति योजना का सर्वाधिक योगदान रहने का दावा किया जा रहा है. 2 लाख रुपयों तक का कर्ज अधिकांश किसानों का माफ होने से किसानों ने दोबारा कर्ज उठाया है. जिससे खरीफ फसल कर्ज के आंकडे इस वर्ष बढते दिखाई दे रहे है. 

जिले में 1 हजार 4 करोड़ वितरित

कोरोना संकटकाल में प्रत्येक क्षेत्र में नये नये आवाहन निर्माण हो रहे है. समस्याओं से घिरे किसानों को खरीफ फसल कर्ज नियमित हो इसलिए महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमुक्ती योजना प्रभावी रुप से अमल में लायी गई. महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमुक्ति योजना में 1 लाख 9 हजार 776 लाभार्थियों का समावेश किया है. इतना ही नहीं तो खरीफ मौसम में भी 1720 करोड का नियोजन किया गया था जिसमें से 1 हजार 4 करोड 84 लाख रुपयों का कर्ज वितरित किया गया. गत 5 वर्ष में यह सर्वाधिक कर्ज वितरित किये जाने का आंकडे है. लेकिन इस वर्ष खरीफ फसल कर्ज में अधिकाधिक किसानों को शामिल करने का नियोजन किया जायेगा.

जिला बैंक ने दिए सर्वाधिक 319 करोड़   

इस वर्ष खरीफ कर्ज वितरण में अलाहबाद बैंक से 10 करोड 18 लाख, आंध्र बैंक ने 84 लाख, बैंक ऑफ बडौदा में 24 करोड 68 लाख, बैंक ऑफ इंडिया से 20 करोड़ 15 लाख, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 201 करोड़ 84 लाख, कैनरा बँक ने 5 करोड़ 10 लाख, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 134 करोड़ 26 लाख, कॉर्पोरेशन बैंक ने 15 लाख, इंडियन बैंक ने 8 करोड़ 24 लाख, इंडियन ओवरसीज बैंक ने 3 करोड़, पंजाब नैशनल बैंक ने 8 करोड़ 91 लाख, स्टेट बँक ऑफ इंडिया ने 174 करोड़ 54 लाख, यूको बैंक ने 3 करोड़ 12 लाख, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 40 करोड़ 52 लाख, एक्सिस बैंक ने 10 करोड़, आयडीबीआय बैंक ने 1 करोड़ 94 लाख, एचडीएफसी बैंक ने 17 करोड़ 55 लाख, आयसीआयसीआय ने 3 करोड़ 80 लाख, रत्नाकर व इंडसइंड बँक ने प्रत्येकी 20 लाख तक का कर्ज वितरण किया है. विदर्भ कोकण ग्रामीण बँक ने 15 करोड़ 66 लाख, जिला बैंक ने 319 करोड़ 96 लाख, इस तरह कुल 1 हजार 4 करोड़ 84 लाख का कर्ज वितरित किये जाने की जानकारी जिला उपनिबंधक संदीप जाधव ने दी है.

रबी फसल कर्ज का नियोजन करें – पालकमंत्री

खरीफ फसल कर्ज वितरण का प्रमाण इस वर्ष 58 प्रतिशत पर पहुंच गया है. गत् पांच वर्षों में यह प्रमाण सर्वाधिक है. कर्ज आपूर्ति प्रक्रिया में सर्वाधिक किसानों को शामिल होने का आवाहन पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने किया है. साथ ही उन्होंने रबी कर्ज वितरण पर सर्वाधिक ध्यान देने के साथ ही विभाग ने नियोजन करने के निर्देश भी दिये.