CSTPS contract workers strike for bonus

    धामणगांव रेलवे. निर्माण कंपनी द्वारा खेत से सटकर प्लान्ट डालने के कारण संतरा बगीचा खराब हो गया है. लेकिन इसका मुआवजा भी कंपनी संबधित किसानों को नहीं दिया. जिससे परेशान मिर्जापुर के किसान विमल रुपराव मांडवगणे ने सपरिवार अनशन आरंभ किया है. लेकिन 7 दिनों से जारी इस अनशन पर प्रशासन कने अब तक कोई दखल नहीं ली. 

    अधिकारी कर रहे गुमराह

     मिर्झापूर के मांडवगणे का खेत  शहापुर गट क्रमांक 82-2 में हैं. उनके खेत में संतरे के पेड़ है. खेत के पास से सडक निर्माण कंपनी ने स्टोन क्रेशर, सीमेंट प्लान्ट व डब्ल्यू एमएम प्लांट बनाया है. जिससे इन संतरा पेड़ों को भारी नुकसान हुआ.  किसान गत 6 माह से इस मामले में राजस्व विभाग व जिला प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं. लेकिन राजस्व विभाग अलग-अलग घोषणापत्र निकालकर जनता को गुमराह कर रहा है. जिससे किसान को संतरा पेडों की नुकसान भरपाई नहीं मिली है. परेशानहाल किसान ने गत् 15 मार्च से अनशन शुरू किया है. 

    1 सप्ताह से तबियत बिगड़ी

    1 सप्ताह में उनका स्वास्थ खराब हुआ है. लेकिन प्रशासन के किसी अधिकारी ने उनसे मिलकर चर्चा नहीं की. पूर्व जिप सदस्य मोहन सिंघवी, पंचायत समिति की उपसभापति माधुरी दुधे, शेतकरी स्वाभिमानी संगठन के चेतन परडके, पूर्व उपसभापति पंकज वानखड़े, अविनाश दुधे ने किसान में मिलकर उनका समर्थन किया.