पर्यटन विकास प्रारुप के पहले चरण में रिध्दपुर, कौंडण्यपुर, माताखिडकी को ‘ब’ दर्जे के लिए एकत्रित प्रस्ताव दे

    अमरावती. जिले के पर्यटन विकास प्रारुप के प्रथम चरण में महानुभव पंथ की काशी श्री क्षेत्र रिद्धपुर को शामिल किया गया है. वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के साथ कौंडण्यपुर और अमरावती शहर के माता खिड़की देवस्थान को ‘ब’ दर्जा देने के लिए एकत्रित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश राज्य की महिला व बाल विकास मंत्री तथा जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने शुक्रवार को दिए.

    22 करोड की निधि को प्रशासकीय मंजूरी

    जिले के पर्यटन विकास समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई. बैठक में पालकमंत्री ने कहा कि, रिद्धपुर में पर्यटन विकास के लिए सुविधाओं का समावेश होना चाहिए. जिसमें प्रमुखता से ग्राम पंचायत की इमारत, शमशान भूमि, कब्रिस्तान, अत्याधुनिक बस स्टैंड, मैदान, ग्रंथालय, सड़क आदि का समावेश करने तथा रिद्धपुर में थीम पार्क, विद्युत रोशनाई बहुउद्देश्यीय सभागृह की निर्मिति आदि विकास कार्यों के लिए 22 करोड़ 32 लाख निधि को प्रशासकीय अनुमति दी गई है.

    10 करोड़ निधि से प्रसाधन गृह, शॉपिंग काम्प्लेक्स निर्मिती के काम पूर्ण हो चुके हैं. शेष कार्यों के लिए निधि हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए. धाबेरी, पाला, माताखिड़की, काटसूर और मातृग्राम आदि स्थलों का रिद्धपुर प्रस्ताव में समावेश करने के लिए भी पालकमंत्री ने सूचित किया है.

    शेंडगांव विकास प्रारूप के काम जल्द करें 

    संत गाडगे बाबा का जन्म स्थान शेंडगांव का पर्यटन दृष्टि से विकास करने हेतु 18 करोड 63 लाख की निधि को प्रशासकीय अनुमति दी गई है. उसके तहत गाडगे बाबा का जीवन पट बताने वाला कलाकक्ष, ग्राम सफाई अभियान प्रशिक्षण केंद्र आदि का नियोजन किया है. गाडगे बाबा का जन्म स्थान और कर्म भूमि आमला इन दोनों स्थलों का विकास करने निर्देश भी पालकमंत्री ने दिए.

    इस बैठक में विधायक देवेंद्र भूयार, बलवंत वानखड़े, प्रताप अडसड, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, संभागीय आयुक्त पीयूष सिंह, उपायुक्त किरण जोशी, शैलेश नवाल, सीइओ अभिशांत पंडा, पर्यटन विकास महामंडल के विवेकानंद कालकर, जिला नियोजन अधिकारी वर्षा भाकरे, कार्यकारी अभियंता शरद थोटांगे, विभावरी वैद्य आदि उपस्थित थे.

    सास बहु कुएं का सौंदर्यीकरण

    रिध्दपुर में सास बहु का कुआं एक प्रसिद्ध स्थान है. ठाकुर ने निर्देश दिए कि इस कुएं को, जो कि महानुभाव संप्रदाय में एक किंवदंती है, संरक्षित करने के लिए, कुएं का रखरखाव किया जाना चाहिए और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और कुएं के प्रवेश द्वार की साजसज्जा किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सालबर्डी, अंबाडा, गव्हानकुंड और बेडापुर क्षेत्रों के विकास के लिए तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश इस समय दिए.