कुपोषित बालक अब भी नहीं पहुंचा अस्पताल

  • समाज कल्याण अधिकारी को भी लौटाया

धारणी. कुपोषण की तीसरी श्रेणी में पहुंच चुके 3 वर्षीय कार्तीक को शनिवार को भी अस्पताल नहीं ले जाया जा सका. शनिवार को तहसील समाज कल्याण अधिकारी अनिल सुनिल चव्हाण  आंगनवाडी सेविका व स्वास्थ विभाग की टीम भी तीसरी बार उनसे घर गई लेकिन नाराज पालकों ने उन्हे फिर बैरंग लौटा दिया. अब इस मामले में विधायक से हस्तक्षेप करने का प्रयास प्रशसान कर रहा है. अन्यथा पुलिस का सहयोग लेने का विकल्प तलाशा जा रहा है. 

3 वर्ष में एक बार भी नहीं, अब 1 दिन में 3 बार

कुसूमकोट बु. निवासी किशोर कास्देकर के घर पुहुंचे समाज कल्याण अधिकारी अनिल चव्हाण टीम के साथ पहुंचे. लेकिन पालकों ने स्वास्थ विभाग की टीम की तरह ही इस टीम को भी प्रतिसाद नहीं दिया. पालकों का कहना है कि 3 वर्ष में कार्तीक किसी ने सुध नहीं ली. और अचानक अब एक दिन में 3-3 बार प्रशासन की टीम उनके घर पहुंच रही है. यह कार्तीक की फिक्र नहीं बल्कि अपने अपनी लापरवाही पर लीपापोती करने का प्रयास है. कार्तीक की मां ने भगवान भरोसे ही रहने की बात अधिकारियों से कही. देवी मां उनके बेटे की रक्षा करेगी ऐसा विश्वास उन्होंने जताया. इससे पहले शुक्रवार को  भी उन्होंने  स्वास्थ विभाग की टीम को लौटाया था. 

विधायक के मांगेगे मदद

पालक कुपोषित बालक एनआरसी नहीं भेज रहे है. हमने कई बार उनके घर जाकर समझाने का प्रयास किया. लेकिन वे जिद पर अड़े है. ऐसे में उन्हे समझाने के लिए हम विधायक राजकुमार पटेल के मदद मांगेगे. अन्यथा पुलिस का सहयोग लेगे. 

अनिल चव्हाण, समाज कल्याण अधिकारी