शाम 6.30 के बाद बंद नहीं हो रहा मार्केट, कारोबार के लिए सेहत से खिलवाड

अमरावती. कोरोना के बढते संक्रमण के चलते नागपुर, अकोला जैसे शहर जनता कर्फ्यू लगाया गया है, लेकिन संभाग में संक्रमण अव्वल अमरावती जिले में कोरोना की चेन तोडने के लिए एकजुट होकर साथ आने की आवश्यकता है. हालांकि कुछ व्यापारी संगठनों ने शाम 6.30 बजे दुकने बंद करने का आव्हान किया, लेकिन अपेक्षानुरुनप प्रतिसाद नहीं मिल रिहा है, जिससे कोरोना ने भी रफ्तार पकड लही है.

कर्फ्यू भी बेअसर
प्रशासन द्वारा रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू घोषित किया गया है. लेकिन यह भी बेअसर है. रात 9 बजे के बाद मुख्य मार्केट बंद हो जाता है, लेकिन गली कूचों की दूकानों समेत सब्जी विक्रेता, फूटकर विक्रेता खुलेआम व्यवसाय कर रहे है, जिन पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई भी नहीं की रही है.

आदेश पर अमल करें
संगठन व्दारा जारी आदेशों पर अमल होना बहुत जरुरी है. कुछ प्रतिष्ठान शुरु रहते है उन्होंने भी अपने तथा अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर सजगता रखनी चाहिए. यह निर्णय केवल कोरोना से बचाने के लिए लिया गया है. इसलिए संगठनों के आवाहन को प्रतिसाद देना चाहिए. कोरोना पर काबू पाने केवल प्रशासन ही नहीं तो जनता की भी कुछ जिम्मेदारियां है.- अविनाश चुटके, सराफा एसोशिएशन

व्यापारी दे सहयोग
व्यापारी संगठनो ने नागरिको समेत कर्मचारियों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया था. कोरोना के चपेट में अधिकांश व्यापारी आने के चलते उनके परिवार को ही परेशानियों का सामना उठाना पड रहा है. एक साथ तीन माह के लाकडाउन के कारण ही व्यापारियों ने प्रतिष्ठान खोलने की गुहार लगाई थी. लेकिन अब प्रशासन स्वयंस्फूर्ति से निर्णय ले सकता है. इसलिए लाकडाउन करने की गुहार लगा रहे है.

इस संदर्भ में जनप्रतिनिधियों ने भी विचार करना चाहिए. एक साथ तीन माह तक व्यापार नहीं होने के कारण प्रतिष्ठान शुरु करने के आवाहन किया गया, लेकिन अब स्थिति कुछ और है कोरोना के आंकडे बढे तो अनलाक है जब आंकडे नहीं थे तब लाकडाउन था. -सुरेश जैन, अध्यक्ष महानगर चेंबर

प्रतिसाद दे व्यापारी
कोरोना संक्रमण बढता जा रहा है. ऐसे में प्रशासन भी लाकडाउन के मुड में नहीं है. जाहीर सी बात है कि लाकडाउन घोषित किया जाता है तो उस दौरान जिन लोगों पर भूखमरी की नौबत आयेगी उनकी जिम्मेदारी भी कौन लेगा. प्रशासन वह जिम्मेदारी नहीं उठा सकता. क्योंकि उन्हें सभी नागरिकों का विचार करना पडता है. इसलिए संगठनों व्दारा जारी आवाहन को व्यापारियों ने साथ देकर कोरोना पर काबू पाने प्रशासन की मदद करनी चाहिए.- बादल कुलकर्णी, मोबाईल एसोशिएशन

सोमवार से होगा अमल
किराणा एसोशिएशन के आवाहन को कुछ हद तक प्रतिसाद मिल रहा है लेकिन कुछ व्यापारियो ने प्रतिसाद नहीं दिया क्योंकि उन्हें मैसेज ही नहीं मिल पाया. लेकिन सोमवार से अमल होगा. यदि लोग शाम 7 बजे बंद करेंगे तो प्रशासन के सहयोग से जनता कर्फ्यू भी लागू किया जायेगा, लेकिन व्यापारी ही प्रतिसाद नहीं देंगे तो प्रशासन भी साथ नहीं देगा.- आत्माराम पुरसवानी, अध्यक्ष रिटेल किराना एसो.

योजनाओं में करे सुधार, तो होगा पालन
6 महिने से आर्थिक परेशानी झेल रहे लोग जान जोखिम में डालकर अपने परिवार का निर्वाह करने के लिए किसी भी परिस्थिति में काम करने तैयार है, रोज कमाने व खाने वाले लोगों पर भारी आर्थिक संकट आया हुआ है, इसीलिए सरकार ने आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए राशन व स्वास्थ योजनाओं में सुधार लाकर उनका लाभ पहुंचाना चाहिये, जिससे वह नियमों का पालन कर सके.- जाकिर जमाल, अध्यक्ष, बडनेरा वेलफेअर सोसायटी