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अमरावती. कोरोना महामारी के बीच डा. पंजाबराव देशमुख मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में परिचारिकाओं ने वेतन वृद्धि समेत अन्य प्रलंबित मांगों के लिए मंगलवार की सुबह अचानक काम बंद आंदोलन कर दिया, जिससे पीडीएमसी अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. वहीं मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

कटौती मंजूर नहीं
अस्पताल की सभी स्थाई, नियोजित वेतन श्रेणी तथा ठेका पद्धति पर कार्यरत समेत 100 परिचारिकाओं ने काम बंद आंदोलन में सहभाग लिया. आंदोलन के माध्यम से वेतन बढ़ाने के साथ स्टाफ का वेतन नियमित करने, 2 से 3 माह का बकाया वेतन तत्काल देने, कोविड-19 के लिए वेतन कटौती उन्हें मंजूर नहीं होने आदि मांगे रखी गई. इस बारे में परिचारिकाओ ने संस्था अध्यक्ष संस्था, अधिष्टाता, वैद्यकीय अधीक्षक, नर्सिंग अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया.

इस बीच पीडीएमसी के डीन डा पद्माकर सोमवंशी ने इन परिचारिका को चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन यह परिचारिका अपनी मांगों पर अड़ी रही. काम बंद आंदोलन में परिचारिका अश्विनी इंगले, मीनाक्षी धामके, सीमा मिश्रा, ज्योति कस्तूरे, पूनम सोनोने, स्नेहा गायकवाड, नीलम हुमने, अनीता काले, विनायक झोपे, तेजस्विनी जेथे, ममता गावनेर, वंदना तायडे, रुकमा खडसे, अश्विनी मिसके समेत अन्य परिचारिकाएं शामिल हुई. 

मरीजों की सेवा के लिए अस्थाई व्यवस्था 
परिचारिकाओं ने वेतन की मांग के लिए अचानक काम बंद आंदोलन कर दिया, जिसके चलते उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन देर शाम तक वह नहीं आई इसीलिए मरीजों की सेवा देने के लिए अस्थाई रूप से कुछ परिचारिकाओं की व्यवस्था की गई है. जल्दी ही चर्चा कर यह समस्या सुलझा जाएगी.-डा. पद्माकर सोमवंशी, डीन, पीडीएमसी