वैद्यकीय अधिकारी को लेकर फिर संगीत कुर्सी

  • स्टे समाप्त होने से मांगी लिगल एडवाईज

अमरावती. महानगरपालिका में वैद्यकीय अधिकारी के रुप में कार्यरत डा. विशाल काले के पद पर बने रहने को लेकर सवालियां निशान खड़े किए जा रहे है. अदालत द्वारा स्टे दिए जाने के बाद 6 माह से अधिक का अवधि गुजर जाने के चलते स्टे खारिज हो गया. ऐसे में अब वैद्यकीय अधिकारी काले के पद पर बने रहने को लेकर फैसले का इंतजार है. वहीं दूसरी ओर अन्य उम्मीदवारों ने फिर एक बार नियुक्ति को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने से वैद्यकीय अधिकारी को लेकर फिर से संगीत कुर्सी की स्पर्धा शुरू हो गयी है. 

विभाग में भी दिख रही नाराजगी

जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व वैद्यकीय अधिकारी के रुप में नियुक्त हुए डा. काले की नियुक्ति को लेकर एक उम्मीदवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. जहां पर मनपा द्वारा मांगा गया अनुभव 7 वर्ष न होने के बावजूद डा. काले की नियुक्ति को लेकर आपत्ति दर्ज की थी. जिस पर अदालत ने महानगरपालिका के चयन प्रक्रिया पर ही आपत्ति दर्ज की थी. जिसके चलते मनपा प्रशासन ने वैद्यकीय अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया ही खारिज कर डा. काले को पदमुक्त कर दिया. इसके खिलाफ डा. काले ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई. जहां उन्हें स्टे मिल गया, लेकिन यह स्टे 6 माह से अधिक समय तक क्रियान्वित नहीं रहता. ऐसे में 6 माह से अधिक समयावधि गुजर जाने के बाद भी काले पद पर कायम रहने से विभाग में भी नाराजगी दिखाई दे रही है. 

2-4 दिन में कार्रवाई 

डा. काले के संदर्भ में जानकारी मिली है. प्रशासन ने लीगल एडवाइज मंगवाई है. जिसके बाद ही इस संदर्भ में कोई फैसला हो पाएगा. संभवत: दो चार दिनों में इस मामले में कार्रवाई होने की संभावना है. – चेतन गावंड़े महापौर 

स्टे में तिथी ही नहीं 

मेरे द्वारा लाए गए स्टे में तिथी का उल्लेख नहीं है. जिसके कारण मुझे पता नहीं है कि मेरा स्टे कितने महिनों तथा साल का है. इस संदर्भ में विधिज्ञ से राय मांगी जायेगी, लेकिन मुझे इसमें दूसरा ही दिलचस्पी दिखाई दे रही है. – डा. विशाल काले, वैद्यकीय अधिकारी