नवरात्रि: इतिहास में पहली बार आनलाइन दर्शन, ना भक्तों की कतार, ना बजे लाउडस्पिकर

अमरावती. विदर्भ की कुलस्वामिनी अंबा-एकविरा माता के दर्शन के लिए नवरात्रि के पहले ही दिन रिकार्ड तोड भीड़ उमड पडती है. नवरात्रि के पूर्व ही भक्त निवास हाउसफुल्ल हो जाते है, जगह जगह लाउडस्पिकर, ढोल ताशे नगाडे बजने लगते है, लेकिन इस वर्ष नवरात्री पर्व शुरु होने के बावजूद ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दिया. घटस्थापना के दिन ही न भक्तों की कतारें लगी और नहीं लाउडस्पिकर बजे. इतना ही नहीं तो भव्य यात्रा का आयोजन भी रद्द किये जाने से तगडा पुलिस बंदोबस्त भी नदारद ही रहा. बावजूद इसके खरीददारी करने पहुंचे भक्तों ने मंदिर के बाहर से ही बंद द्वार पर मत्था टेक आनलाइन दर्शन किये. 

रौनक गायब, केवल शांति 

नवरात्रि के पर्व का आयोजन करने अंबादेवी विश्वस्थ व पुलिस प्रशासन एक सप्ताह पूर्व से ही जुट जाता है लेकिन इस वर्ष मंदिर के व्दार ही बंद होने से पुलिस प्रशासन के साथ विश्वस्तों को भी बंदोबस्त में जुटना नहीं पडा. विश्वस्थों ने मंदिर के भीतर ही पूजा विधी पूर्ण निपटायी. प्रात: 4 बजे से जगने वाले बेल फुल प्रसादवालों की दूकाने भी नहीं लगी. जो दूकाने लगाई गई उन्हें भी बगैर भक्तों के चलते दूकान खोलकर ही बैठने पर विवश होना पड रहा है. यात्रा के चलते राजकमल से गांधी चौक मार्ग यातायात के लिए बंद किया जाता था. सुबह से लेकर देर रात तक खरीददारी करने लोग उमडते थे. सुबह से लेकर देर रात तक भाविक भक्त मंदिर पहुंचते लेकिन इस वर्ष कोरोना के चलते यह सब रौनक मानो नदारद ही हो गयी. राजापेठ से एचवीपीएम और राजकमल से गांधीचौक मार्ग पर चलने के लिए भी जगह नहीं होती थी उस मार्ग पर भी शांति दिखाई दी. 

दूकानदारों को चपत

इस वर्ष नवरात्रि से पहले मंदिर खुलने की संभावनाए थी, लेकिन सरकार व्दारा मंदिर खोलने का निर्णय नहीं लिये जाने से भक्तों के साथ मंदिर के बाहर दूकान लगानेवाले दूकानदारों की निराशा हुई. हजारों की संख्या में इस यात्रा में भाविकों की उपस्थिति रहती है, यह आंकडा दो अंको में भी जुट जाना असंभव रहने से क्या खरीददारी होगी. जिसके कारण 10 दिनों तक भी अच्छे व्यवसाय की उम्मीद कम नजर आ रही है. बेल फूल प्रसाद देनेवाले दूकानदारों के व्यवसाय पूरी तरह से बंद है. 

आनलाइन दर्शन, भीड़ न जमाये

भक्तों के अंबामाता का दर्शन हो इसलिए आनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी है. बावजूद इसके भक्तों ने भीड जमा नहीं होने देनी चाहिए. जिससे अन्य भक्तों के लिए भी यह दर्शन बंद हो सकते है. कुछ भक्त मंदिर के व्दार पर ही माथा टेक पूजा कर रहे थे, लेकिन उससे भी भीड बढने की संभावना रहने से मंदिर विश्वस्थों ने भक्तों से घर से ही प्रार्थना करने का आवाहन किया है. 

विद्या देशपांडे, अध्यक्ष अंबादेवी संस्थान

घर से करें प्रार्थना

सरकारी नियमों का पालन करना जरुरी है. कोरोना का संक्रमण कम हो इसलिए मंदिर बंद रखे गये है. एकविरा देवी संस्थान की ओर से विधिवत पूजा पूर्ण हुई लेकिन भीड होगी इसलिए आनलाइन दर्शन उपलब्ध नही कराये. केवल भक्तों ने इस वर्ष यह कोरोना रुपी संकट को टालने की प्रार्थना घर से ही करनी होगी. 

चंद्रशेखर कुलकर्णी, सचिव एकविरा देवी संस्थान

कड़ा रहा पुलिस बंदोबस्त

कोरोना महामारी के कारण नवदुर्गोत्सव सादगीपुर्ण तरीके से मनाने के आदेश जिला प्रशासन ने जारी किए है, इसीलिए घटस्थापना के दिन दुर्गा मंडल स्थापना पर ना तो बैंड बाजा व और ना ही कोई शोभायात्रा निकाली गई. जिससे पुलिस पर अतिरिक्त बंदोबस्त का तनाव कम था. शहर व जिले में कानून व सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया था. प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस अधिकारी के साथ 5-5 कर्मचारी तैनात थे. शहर में 2 डीसीपी, 3 एसीपी, 19 पीआय, 700 से अधिक कर्मचारी, 10 स्ट्रैकिंग फोर्स, 2 एसआरपीएफ प्लैटुन, आरसीपी, क्राइम ब्रांच समेत होमगार्ड तैनात रहे. शहर में 462 दुर्गा व ग्रामीण में 1616 मंडलों में दुर्गा स्थापित हुए. ग्रामीण में 150 अधिकारी के साथ 2000 कर्मी, 5 आरसीपी प्लैटुन, 5 एसआरपीएफ व होमगार्ड तैनात रहे