अब नियमित चुकानी होगी इएमआय, कर्जदारों पर दबाव नहीं

अमरावती. राष्ट्रीय आपदा राहत के तहत रिजर्व बैंक द्वारा सभी बैंक के कर्जधारकों को 6 माह तक लोन की इएमआय के लिए राहत दी गई थी. लेकिन अब मोरेटोरियम की अवधि सितंबर माह में समाप्त हो गई है. जिससे भले ही बैंकों ने इएमआय की वसूली नियमित कर दी है. हालांकि बैंकों की ओर से लोन धारकों पर फिलहाल इएमआय के लिये कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है. लेकिन अब अक्टूबर माह से सभी को किश्तें नियमित भरनी होगी. यह तय है.   

नहीं संभले आर्थिक हालात

कोरोना संक्रमण के चलते उद्योग, व्यवसाय ठप रहे. कई लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा. आर्थिक संकट को देखते हुए आरबीआई ने 6 माह तक कर्ज की किश्तों की वसूली पर रोक लगायी. लेकिन अब किश्त वसूली शुरु की गई है. लेकिन कई लोग इस किश्त वसूली में बैंकों का साथ नहीं दे पा रहे है. 6 माह से लड़खड़ाई आर्थिक व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं लौटी है. केवल तीज त्योहारों के चलते सड़कों पर भीड दिखाई दे रही है. लेकिन आर्थिक हालात नहीं सम्हलें है. जिससे लोग लोन वसूली को उचित नहीं मान रहे है. कोरोना का राष्ट्रीय संकट खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में मोरेटोरियम और बढ़ाने की मांग की जा रही है. 

आरबीआई के नए निर्देश नहीं

मोरेटोरियम की अवधि समाप्त होने के बाद हमें आरबीआय के लोन की इएमआय को लेकर कोई नए निर्देश नहीं मिले है. इसलिए अब किश्तें रेग्यूलर की गई है. यदि कोई नया निर्णय होता है और हमें आदेश मिलते है. तो हम उस पर अमल करेंगे. -मेघश्याम इंजारकर, व्यवस्थापक स्टेट बैंक

लोन धारक भी समझ रहे जिम्मेदारी

रिजर्व बैंक ने करोना जैसी महामारी के चलते लोन धारकों को 6 माह तक कर्ज की किश्तों में रियायत दी थी, लेकिन अब किश्तें नियमित भरना होगा. हालांकि बैंक ग्राहकों पर दबाव नहीं बना रही, लेकिन लोकधारक स्वयं अपनी जिम्मेदारी समझ रहे है. व किश्तें अदा करने में लगे है. – मनीष उइके, मैनेजर बैंक आफ इंडिया

इएमआय रेग्यूलर भरना शुरू  

कोरोना संक्रमण काल में आरबीआयई के दिशा निर्देशों का पालन किया गया. सितंबर माह तक इएमआई में राहत दी गई. लेकिन अब किश्त रेग्यूलर की गई है. हालांकि हम ग्राहकों पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है. कर्ज वसूली जारी है.  – सुनील शाह, व्यवस्थापक यूनियन बैंक