ओपीडी में मरीजों की संख्या घटी, नागरिक अस्पतालों में जाने से काट रहे कन्नी

वरुड़. आम तौर पर बारिश के दिनों में मौसमी बीमारियों का कहर रहता है. जिससे अगस्त सितंबर माह में सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों की ओपीडी हाउसफुल रहती है, लेकिन इस बार इन महीनों में मरीजों की संख्या में गत् वर्ष की तुलना में भारी कमी है. संक्रमण के भय से नागरिक स्वयं अस्पतालों में जाने से कतरा रहे है. 

अगस्त-सितंबर माह सबसे भारी

बारिश के समय में खासतौर पर अगस्त से सितंबर माह में मानवीय जनजीवन  पर बुखार, सर्दी, खांसी, मेलरिया, डेंगू, जैसी बीमारियों का प्रसार होता है. जिसके कारण सरकरी व निजी अस्पतालों में मरीजों की कतारें लगती थी. इस बार भी अतिवृष्टि के कारण लोगों की सेहत प्रभावित तो हुई, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण वायरल बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल में जाने से बचते रहे. घरों में काढे, घरेलू दवाओं व आराम पर विश्वास किया. लॉकडाउन के चलते लोग घर से बाहर कम निकले. जिससे बीमारियों का प्रभाव कम रहा. यही कारण है कि अस्पतालों की ओपीडी से भीड़ नदारद रही. 

सावधानी का परिणाम

कोरोना के प्रसार से बचने के लिए लोगों ने अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरती. मार्च माह से ग्रामपंचायत, सेवाभावी संस्थाओं का सहभाग रहा. गांव-गांव में छिड़काव किया गया. ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई पर ध्यान दिया गया. जिसके चलते बीमारियों का प्रभाव कम हुआ व मरीजों की संख्या घटी है. 

डा. अमोल देशमुख, तहसील वैद्यकीय अधिकारी