अमरावती. कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में स्वास्थ सुविधा चरमरा सी गई है. राज्य सरकार में अपने सभी संसाधनों को इस महामारी को कंट्रोल करने में उपयोग में ला रही है. इसी तरह अमरावती शहर में पिछले 3 महीनों से सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में किडनी और यूरोलॉजी डिपार्टमेंट को बंद करके इमरजेंसी में कोविड-19 सेंटर के तौर पर उपयोग में लेने का फैसला लिया गया. वहां सभी तरह के डायलिसिस, पथरी के ऑपरेशन बंद कर दिए गए और पुरा स्टाफ आइसोलेशन वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहा है, जहां कोरोना पेशेंट्स अच्छे होकर अपने घरों को जा रहे है. सुपर स्पेशालिटी में फिर से ओपीडी शुरू करने की मांग इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा हम भारत के लोग संगठन ने की है.

आर्थिक संकट से परेशान लोग
17 लाख से ज्यादा आबादी वाले पूरे जिले में किडनी रोग व मूत्र रोग से ग्रस्त गरीबों व मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सुपर स्पेशालिटी अस्पताल एक आखरी सहारा था, निजी हॉस्पिटल में जहां एक डायलिसिस के पांच हज़ार व पथरी के ऑपरेशन के लिए तीस से चालीस हजार लगते हैं ऐसे लॉकडाउन में आर्थिक परस्थितिियों से तंगहाली से जूझ रहे लोगोंं की इतने पैसे देने की परस्थितिि नहीं है, पैसों के अभाव में इलाज नहीं होने के कारण पेशेंट घरों पर ही जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं, मुस्लिम लीग व हम भारत के लोग संगठन ने प्रशासन से मांग की सुपर हॉस्पिटल में यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी शुरू की जाए जहां डायलिसिस और पथरी के रोगियों का इलाज हो सके, कहीं ऐसा ना हो कोरोना से ज्यादा इन कारणों की वजह से ज्यादा मौतें हो जाएं.निवेदन देते समय पूर्व पार्षद इमरान अशरफी, शेख इसरार आलम, डा. असलम भारती, शेख रिजवान, कामरान अंसारी, फहीम अहमद, नासिर सोलंकी, इरशाद पठान , नसीम समाज सेवक मौजूद थे.