परिस्थितिजन्य सबूतों की तलाश में पुलिस, धैर्य हत्या प्रकरण

अमरावती. मासूम धैर्य परमार की घर के कुएं में फेंककर हत्या करने की गुत्थी लगातर तीसरे दिन मंगलवार को भी नहीं सुलझ पाई. राजापेठ पुलिस ने मृतक धैर्य की मां नम्रता परमार व मामा प्रणव चौहान को थाने में बुलाकर मंगलवार की देर शाम तक पूछताछ की. राजापेठ में दिन भर डेरा डाले डीसीपी शशीकांत सातव ने दोनों बहन-भाई से अलग-अलग प्रश्नों के तहत जवाब तलब किए. लेकिन कोई अहम जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लग पाई है. पुलिस परिस्थितिजन्य सबूतों को तलाश रही है.

नहीं आया बाहर से कोई  

न्यु प्रभात कालोनी में धैर्य के साथ उसकी मां नम्रता परमार, नाना दिलीप चौहान, नानी जयश्री चौहान तथा मामा प्रणव चौहान रहता था. इनके अलावा एक नौकरानी व मालीश करने वाली महिला का आना-जाना था. रविवार को मालीश करने वाली महिला काम पर नहीं आयी, जबकि नौकरानी सुबह 11.30 बजे ही अपना काम निपटाकर चली गई थी. वहीं कुछ देर बाद दिलीप चौहान भी पत्नी जयश्री के साथ किसी विवाह समारोह में शामिल होने चले गए थे. जिससे घर में धैर्य के साथ मां नम्रता व मामा प्रणव मौजुद थे. इसीलिए पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है. पुलिस को दिए बयान में बताया गया कि जिस समय यह घटना हुई मामा प्रणव बेडरुम में टीवी देख रहा था, जबकि नम्रता धैर्य को कमरे के बिस्तर पर रखकर 1 मिनट के लिए बाथरुम में गई थी. यहां से लौटकर आने पर धैर्य नदारद दिखा. जिसके बाद धैर्य के अपहरण का शोर मच गया.

1 मिनट में घटना को अंजाम देना असंभव

पुलिस जांच में इससे विपरित बाते सामने आ रही है जैसे किसी भी व्यक्ति को चौहान के घर में घुसने से पहले कम्पाउड का गेट खोलना पड़ेगा, जिसके बाद कमरे में प्रवेश लेने के लिए 1 रुम से होकर गुजरना पड़ता है. यहां से धैर्य को उठाकर कुएं तक लेना और वहां कुएं पर पड़ी लोहे की जाली को हटाकर लंबा हाथकर कुएं में फेकने जैसी क्रिया के लिए कम से कम 10 मिनट का समय लगेगा. 1 मिनट में इतना सबकुछ करना असंभव है, इसीलिए पुलिस सच्चाई की तलाश कर रही है. इससे पहले सीपी डा.आरती सिंह ने भी नम्रता व प्रणव से करीबन 3 घंटे तक पूछताछ की. अलग-अलग प्रश्नों के जवाब लिये. छुट्टी से लौटे थाना इंचार्ज पीआय किशोर सुर्यवंशी ने पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर दुय्यम निरीक्षक किशोर शेलके के साथ जांच शुरु कर दी है.