कोरोना में लेखा परीक्षण स्थगित करें, शिक्षण समिति का निवेदन

अमरावती. समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत शाला तथा समूह साधन केंद्र स्तर पर 2019-2020 के आर्थिक वर्ष में महाराष्ट्र राज्य शिक्षण परिषद से प्राप्त अनुदान का लेखा परीक्षण संपूर्ण राज्य में शुरू है. प्राप्त अनुदान का लेखा परीक्षण कानूनी रूप से अत्यंत जरूरी है. लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए वर्तमान में यह लेखा परीक्षण स्थगित करने की मांग महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षण परिषद ने की है. इस बारे में परिषद ने शालेय शिक्षण व क्रीडा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ वंदना कृष्णा को निवेदन भेजा है.

सोशल डिस्टंसिंग का उल्लंघन 

 परिषद के अनुसार शाला और समूह साधन केंद्र स्तर पर प्राप्त अनुदान का लेखा परीक्षण करने के लिए मुख्याध्यापक और केंद्र प्रमुखों को पंचायत समिति के कार्यालय में दिन बाद एकत्रित रखा जा रहा है. जिसके कारण एक ही जगह पर भीड़ होने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है. फलस्वरूप कोरोना प्रतिबंध के लिए उपाय योजना नहीं हो पा रही है. जिससे कोरोना भी फैलने की आशंका है. जिसमें शिक्षक भी चपेट में आ सकते है. लिहाजा कोरोना के गंभीर संकट को देखते हुए समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत प्राप्त अनुदान का लेखा परीक्षण फिलहाल स्थगित किया जाए. शिक्षक समिति के राज्य अध्यक्ष उदय शिंदे, राज्य महासचिव विजय कोंबे, कालूजी बोरसे पाटिल, शिक्षक नेता शिवाजी साखरे, उपाध्यक्ष राजन कोरगांवकर, कार्याध्यक्ष राजेंद्र नवले, कोषाध्यक्ष केदु देशमाने, संगठक सयाजी पाटिल, शिवाजी दूशिंग, संपर्क प्रमुख राजेंद्र खेड़कर, प्रवक्ता आबा शिंपी व प्रचार प्रमुख राजेश सावरकर ने यह मांग की है.