समस्या – कोरोना, नियम व तिथियों ने किया हलाकान

  • गुरु व शुक्र के अस्त से घटे मुहूर्त
  • शादियों का बैंड बजा

अमरावती. कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष त्यौहारों के साथ घरेलू कार्यक्रमों का आयोजनों पर भी पानी फेर गया. मार्च माह के लाकडाउन के बाद लोगों ने जैसे तैसे घरेलू पध्दती में ही विवाह निपटाये. किंतु नवरात्रि में सगाई करनेवालों की उम्मीदों पर भी पानी फेरने की संभावना है. कोरोना और शासकीय नियमों के बाद अब शादियों के लिए मुहूर्त ही नहीं रहने से शादियों की ही बैंड बज गयी है. गुरु और शुक्र अस्त रहने से इस बार कर्तव्य है, ऐसे वधु वर के लिए साल भर में 53 मुहूर्त है. जिसमें भी नवंबर व दिसंबर में मुहूर्त नहीं के बराबर हैं. 

यह है विवाह के शुभ मुहूर्त

इस वर्ष तथा आगामी साल के विवाह के शुभ मुहूर्त इस प्रकार है. नवंबर 2020 में 27 व 28 के बाद दिसंबर में 7,8,9,17, 19,23,24 और 27 को विवाह हो सकता है. वर्ष 2021 में जनवरी में 3,5,6,7,8,9,10 आदि तिथियों को मुहूर्त है. फरवरी में 15,16 के बाद शुक्र अस्त होने से मार्च माह में तिथि नहीं है. सीधे अप्रैल माह में विवाह के मुहूर्त निकाले जायेंगे. अप्रैल माह में 22,24,25,26,28,29,30 मई माह में 1,2,3,4,5,8,13,20,21,24,26,28,30,31 तथा जून माह में 4,6,16,19,20,26,27,28 जुलाई माह में 1,2,3 और 13 ऐसी केवल 4 तिथियां है. इसलिए लोग भी जैसे है वैसी स्थिति में विवाह की योजना बना रहे है.  

कम दाम में भी लोग लेने को तैयार नहीं

शादियों के मामले में पहले ही इस वर्ष तिथियां काफी कम है. अनलाक होने के बाद भी लॉन संचालकों का कोई फायदा नहीं है. रात के समय वाले कार्यक्रम रद्द होने से कम दाम में भी हॉल में कार्यक्रम करने कोई तैयार नहीं है. ऐसे में मार्च माह के बाद ही कुछ उम्मीद लगाई जा सकती है. कोरोना और नियमों ने पूरी बैंड ही बजा दी है. – जावेद मेमन, साहिल लॉन

अब मुहूर्त नहीं 

कोरोना और शासकीय नियमों को पार कर जैसे तैसे मंगल कार्यालय खुल गये, लेकिन अब मुहूर्त नहीं है. 100 लोगों के लिए हॉल किराए से दे रहे है. नवंबर व दिसंबर में गिने चुने मुहूर्त रहने से 100 लोगों में ही शादियां निपटायेंगे. उसमें भी लोगों को दाम कम करने पड रहे है. मार्च माह से बंद मंगल कार्यालयों का व्यवसाय मार्च माह के बाद ही तेजी पकड़ सकता है. 

चंद्रकांत मेहरे जय भारत मंगल कार्यालय 

आर्थिक फायदा नहीं

मार्च माह से बैंड वालों को आर्थिक आय बंद हो चुकी है. शादी ब्याह का सीजन भी पूरा डूब गया. अब जैसे तैसे अनुमति मिली है तो मुहूर्त नहीं है और 50 लोगों में भी बैंड वालों का समावेश है. जिससे लोग बैंड वालों को आमंत्रित ही नहीं कर रहे. इस वर्ष कोरोना समाप्त होता है तो मार्च माह के बाद ही मुहूर्त रहने से बैंड वालों को आर्थिक आय प्राप्त होगी. – वसंत सरकटे, संचालक वसंत बैंड पार्टी संचालक

शांति कर्म कर करें विवाह

किसी भी पंडीत के हाथों से शांति कर्म कर विवाह निपटाया जा सकता है. गुरु व शुक्र का अस्त होने से विवाह तिथियां नहीं है. 22 अप्रैल के बाद ही विवाह शुरु होंगे. – पंडीत रमन मिश्रा महाराज