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    अमरावती. जिले में रेलवे के माध्यम से इंटरनेट फायबर तथा मनोरंजन के लिए केबल सर्विस उपलब्ध करानेवाली कंपनियों को भुसावल मंडल द्वारा नोटीस जारी किए गए है. इस नोटीस में सभी बकायादारों को यह चेतावनी दी गई है कि एक माह के भितर बकाया राशि का भुगतान किया जाए. अन्यथा रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए कोअर फाईबर कनेक्शन निरस्त कर दिए जाएंगे. पिछले कई वर्षो से इस बकाया राशि को लेकर विवाद चल रहा था. आखिरकार रेलवे द्वारा इस संदर्भ में कडी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी जारी कर दी गई है.

    1 करोड 16 लाख बकाया 

    जिले में धामणगांव, बडनेरा, अमरावती रेलवे स्टेशन, नया अकोली रेलवे मार्ग के जरिए बडे पैमाने पर टेलिकॉम कंपनियों के साथ ही केबल ऑपरेटरों को रेलटेल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. रेलटेल के जरिए इंटरनेट तथा केबल व्यवसाय का संचालन धारणी, चिखलदरा क्षेत्र तक किया जा रहा है. इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के ऐवज में रेलवे की ओर से निर्धारित राशी वसूल की जाती है.

    लेकिन अमरावती जिले में रेलवे की सुविधा उठानेवाले 300 से अधिक छोटी-बडी कंपनियों पर 1 करोड 16 लाख रुपए की राशि बकाया है. यह राशि पिछले तीन वर्षो से अदा नहीं की गई है. कुछ बकायादारों की ओर से न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था. लेकिन न्यायालय द्वारा रेलवे के पक्ष में फैसला लिए जाने के बाद अब भुसावल मंडल वसूली प्रक्रिया को गति दिए जाने का प्रयास कर रहा है.

    कंपनियों की नजर सिर्फ कमाई पर 

    अमरावती जिला पश्चिम विदर्भ का केंद्र होने के कारण अमरावती से यवतमाल व वाशिम जैसे जिलों में भी रेलटेल उपलब्ध कराए गए है. अमरावती से लेकर भुसावल तक केबल ऑपरेटर कंपनियां इसी रेलटेल का उपयोग करते हुए अपनी सुविधाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है. जिसके जरिए इन कंपनियों को काफी मुनाफा भी हो रहा है.

    लेकिन अपनी समस्याओं का बखान करते हुए यह कंपनियां बकाया राशि का भुगतान किए जाने में कोताही बरत रही है. ऐसे में रेलवे द्वारा चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित बकायादारों की बैंक गारंटी के साथ ही उनके उपकरण भी जब्त किए जाएंगे.