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    वरुड. तहसील के ग्रामीण अस्पताल में वैद्यकीय अधिकारी के साथ 26 पद मंजूर होते हुए भी 15 पद रिक्त है. तहसील में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. प्रसूति, शल्यक्रिया तथा अन्य विभाग के मरीजों पर उपचार करने के लिए डाक्टरों पर भी अतिरिक्त तनाव आ रहा है. मरीजों को भी आर्थिक के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ता है. कई दिनों से रिक्त पदों के कारण कर्मचारी अधिकारियों का तनाव बढ़ने से यह पद तत्काल भरने की मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है.

    यह पद है रिक्त

    ग्रामीण अस्पताल में प्रसूति, गर्भ शल्यक्रिया, सामान्य शल्यक्रिया के लिए मरीज आते है, उसी प्रकार दुर्घटनाओं के कारण आकस्मीक सर्जरी भी रोजमर्रा की बात हो गई है. ऐसे में उसकी तुलना में कर्मचारियों की संख्या कम होने से मरीजों पर उपचार करने में कर्मचारियों पर तनाव हा रहा है. नियमित स्वास्थ्य सेवा देने के लिए भी समस्या निर्माण हो रही है.

    रिक्त पदों में सहायक अधीक्षक, प्रयोगशाला तंत्रज्ञ, प्रयोगशाला सहायक, औषधि निर्माता, स्वतंत्र कनिष्ठ लिपिक, एक आधिपरिचारिका, 7 कक्षा सेवक, 4 कान्ट्रैक्ट पदों में अधि परिचारिका, एक महिला वैद्यकीय अधिकारी राष्ट्रीय बाल विकास कार्यक्रम अंतर्गत कुल 15 पद रिक्त पदों को लेकर कई बार पत्र व्यवहार किया, लेकिन पद नहीं भरे जाने से नागरिकों में रोष है.

    बाह्य और आंतरिक भाग संभालना हो रहा मुश्किल 

    ग्रामीण अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से कर्मचारियों पर तनाव निर्माण होता है. बाह्य रूग्ण विभाग में 200 से अधिक जांच की जाती है. उसी तरह आंतरिक विभाग में भी बड़े पैमाने पर मरीज भर्ती होते हैं, लेकिन रिक्त पदों के कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए कसरत करनी पडती है. परिणामत: मरीजों को अच्छी सेवा देने की इच्छा होने के बावजूद भी सेवा नहीं दे पाते.- डा.प्रमोद पोतदार, वैद्यकीय अधिक्षक