Market Parvana incurs loss of 2.50 crores, losses in Corona

अमरावती. महानगरपालिका के अंतर्गत बडनेरा जोन में स्वच्छ भारत अभियान के तहत निर्माण 452 शौचालयों का 77 लाख का बील फर्जी हस्ताक्षर से पास कराने के मामले की जांच ने गति पकड़ी है. जांच अधिकारी उपायुक्त विजय खोराटे ने संबंधितों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है, जिसके बाद इस मामले की परतें खुलती जाएगी. उल्लेखनीय है कि 77 लाख का यह बिल मंजूर कराने के लिए इस फाइल पर 1-2 नहीं बल्कि महानगरपालिका के 6 अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किये गये है, जिसके चलते इन अधिकारियों से भी इस संदर्भ में जबाव तलब कर स्पष्टीकरण मांगा जायेगा.

वित्त विभाग भी नहीं पहुंची फाइल
मनपा के आवक जावक विभाग को बायपास कर बिल की फाइल सीधे निगमायुक्त के टेबल पर मंजूरी के लिए पहुंची थी. लेकिन निगमायुक्त की सुझबूझ से यह पुरा मामला सामने आया. उन्होंने फाइल पर किये हस्ताक्षरवाले अधिकारियों को बुलाया. अधिकारियों ने भी यह हस्ताक्षर उनके नहीं होने की बात कही, जिससे यह पता चला की फाइल वित्त विभाग भी नहीं पहुंची.

निष्पक्ष होगी जांच
इस मामले में जांच पूरी तरह से निष्पक्ष की जाएगी. इस तरह अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करना अपराध है. भविष्य में इसके गंभीर परिणाम अधिकारियों को भुगतने पड़ सकते थे. इसलिए कड़ाई से जांच होगी.

-विजय खोराटे, उपायुक्त

निगमायुक्त से मिले विपक्ष नेता शेखावत
77 लाख का घोटाला होते होते बच गया, लेकिन इस मामले में कौन दोषी है और किसने मनपा को चुना लगाने का प्रयास किया, इसकी छानबीन कर उसके खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग विपक्ष नेता बबलू शेखावत ने की है. इस संदर्भ में उन्होंने निगमायुक्त से मिलकर चर्चा की. उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके पीछे किसी नेता का हाथ है तो भी उसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. इस समय विलास इंगोले, सलीम बेग, प्रशांत डवरे, राजू भेले आदि उपस्थित थे.