strike

    अंजनगाव सुर्जी. निकाय संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने से ओबीसी समाज का राजनीतिक आरक्षण रद्द हुआ है. इस आरक्षण को बचाने तथा ओबीसी जनगणना समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद व सभी ओबीसी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में अंजनगांव बस स्टैंड के पास सोमवार की सुबह रास्ता रोको आंदोलन किया गया. 

    तहसीलदार के माध्यम से सीएम को निवेदन

    ओबीसी आरक्षण तथा ओबीसी जनगणना को लेकर कडे कदम उठाने की मांग को लेकर समता परिषद ने तहसीलदार के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को निवेदन सौंपा है. जिसमें कहा गया कि ओबीसी के अधिकार के लिए ओबीसी समाज के नेता अन्न व आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, पूर्व सांसद समीर भुजबल ओबीसी आरक्षण को लेकर न्यायालयीन लडाइ लढ रहे है.

    इसी के मद्देनजर राज्यभर में सामाजिक स्तर पर सभी ओबीसी संगठन सड़क पर उतरकर ओबीसी भावना सरकार तक पहुंचाने यह आंदोलन किया गया है. आंदोलन में जिलाध्यक्ष विपूल नाथे समेत विदर्भ बोबडे,अतुल हाडोले, धीरज काले, प्रविण पेटकर, गजानन कविटकर, स्वप्नील बोबडे, प्रविण काले आदि शामिल हुए.

    आरक्षण का मुद्दा केंद्र सरकार के हाथ

    ओबीसी आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में है. इसलिए केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और ओबीसी समुदाय को न्याय दिलाना चाहिए. ओबीसी की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. इसके लिए सभी ओबीसी को एक साथ आने की अपील महात्मा फुले समता परिषद के जिलाध्यक्ष विपूल नाथे ने की है.