Students out of school-bells did not fare

अमरावती. हर वर्ष नए शैक्षणिक सत्र के लिए 26 जून को स्कूलों की घंटिया बजने लगती है. लेकिन कोविड 19 के चलते इस बार अब तक स्कूलें शुरू करने संबंधि कोई निर्णय नहीं हुआ है. 3 माह की लंबी छुट्टियों के बाद अब छात्र घरों में उब चुके हैं. वे भी स्कूलों की घंटियां सुनने को बेताब है. शुक्रवार को अधिकांश छात्र स्कूल के पहले दिन की पूरानी यादों को ताजा करने में लगे रहे.

ऑनलाइन स्टडी बढ़ा रही टेंशन
अधिकांश स्कूलों ने ऑनलाइन स्टडी शुरू की है. छात्रों को मोबाइल पर पढ़ाया जा रहा है. लेकिन यह ऑनलाइन स्टडी छात्रों ही नहीं पालकों का भी टेंशन बढ़ा रही है. बार बार कनेक्टिविटी की समस्या, बिजली गुल होना, म्यूट, अनम्यूट की समस्या से यह स्टटी सिरदर्द बढ़ा रही है. पालकों को भी बच्चों के साथ पूरा समय मोबाइल पर बैठना पड़ रहा है, जिससे स्कूल न खुलने का मलाल उन्हें भी है. 

बाजारों की रौनक फिकी
बाजारों में स्कूल बैग, लंच बाक्स, वाटबैग, किताबें , नोटबुक खरीदने के लिए भीड़ रहती थी, लेकिन स्कूल नहीं खुलने से बाजारों से रौनक भी गायब है. कई व्यवसाईयों को भी स्कूलें शुरु होने का इंतजार है. 

शाला व्यवस्थापन समिति की बैठक
दर्यापुर की अधिकांश स्कूलों में शाला व्यवस्थापन समिति की व शिक्षकों की बैठक ली गई, जिसमें भी मुख्य विषय कोविड 19 ही रहा. स्कूलें खोलने को लेकर निर्णय का इंतजार किया जा रहा है. आदर्श हाईस्कूल के मुख्याध्यापक गोपालराव बारब्दे ने भी बैठक ली.