आशियाना देख आंखों से छलके खुशी के आंसू, लकी ड्रा खुलते ही एएमसी पहुंचे लाभार्थी

अमरावती. महानगरपालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना के शनिवार को लकी ड्रा खुलते ही लाभार्थियों के आंखों से आंसू छलक पड़े. कई वर्षों बाद हक्क का आशियाना पाने की खुशी इतनी थी कि कुछ लाभार्थी तो तुरंत ही महानगरपालिका में भी पहुंच गये. लकी ड्रा में नाम सुनने के बाद कई परिवारों ने तुरंत फैमिली के साथ पहुंचकर अपने घर का निरीक्षण भी किया तो कुछ लाभार्थियों ने देर से ही सही लेकिन लकी ड्रा निकलकर जो खुशी दी है उसके लिए प्रशासन व केंद्र सरकार के आभार जताए. 

148 में मिला आशियाना 

डा. बाबासाहब आंबेडकर सभागृह में आनलाइन पध्दती से लकी ड्रा निकाला गया. जिसमें घटक क्रमांक 3 के लाभार्थियों को फ्लैंट का अलॉटमेंट किया गया. इस समय निगमायुक्त ने कहा कि 75 वर्षों के बाद भी नागरिकों को घर का आशियाना नहीं मिला. इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से 2022 तक सभी को हक्क का घर मिलें इसलिए अधिकारी भी काम में जुटे है.

दूसरे लकी ड्रा में 148 लाभार्थियों को घरकुल का वितरण किया गया. जिसमें मौजा म्हसला सर्वें.21 में 8 फ्लैट, मौजा म्हसला सर्वे नं. 22 में 96, मौजा निंभोरा सर्वे. 55 में 44 ऐसे कुल 148 फ्लैट के मालिकों के नामों की घोषणा की गई. इस समय उपमहापौर कुसूम साहू, स्थायी समिति सभापति राधा कुरील, जोन सभापति नुतन भुजाडे, महिला बालकल्याण सभापति सुनंदा खरड़, शिक्षा सभापति आशिष गांवड़े, पीएम आवास योजना के सुनील चौधरी, अभियंता प्रदीप वानखड़े तथा अधिकारी उपस्थित थे. 

घर का सपना पूर्ण हुआ 

कई वर्षों बाद किराये के घर में रहा था. लकी ड्रा में नाम सुनते ही घर में खुशियां आ गयी. वैसे ही भागदौड़ कर मनपा पहुंचे और वहां से अपना घर देखने तपोवन के साईड पर पहुंचे है. इतने कम बजट में घर मिलना सबसे बड़ी किस्मत पायी है. जिसके लिए प्रशासन के आभार ही व्यक्त करने पड़ेंगे.- मंगेश देशमुख, लाभार्थी 

मेहनत रंग लायी 

पूरी जिंदगी काम करते चली गई लेकिन घर नही हुआ महानगरपालिका में वर्ष 2017-18 में घर के लिए आवेदन डाला था.जिससे घर के सपने देखने लगे. कई बार मनपा से पत्रव्यवहार किया. बैंक में गये कुछ समय निराश भी हुए लेकिन अब लकी ड्रा में नंबर लगते ही बहोत खुशी मिली है. इतने वर्षों की मेहनत रंग लायी.- अजय धनंजय तिवारी, लाभार्थी

बहोत अच्छा लग रहा है

लकी ड्रा में नंबर लगते घर में खुशियां आ गयी. अपने घर में रहने जाएंगे यह सोचकर पूरा परिवार खुश है. जिसके लिए प्रधानमंत्री समेत महानगरपालिका प्रशासन का बहोत आभारी हुं. हम तुरंत घर देखने भी गये. लकी ड्रा में नाम सुनते ही परिवार के सदस्यों की आंखो से खुशी के आसूं छलक गए.-निलेश मानकर, लाभार्थी

आंखे भर आयी 

दो वर्षों से लकी ड्रा आयोजित हो ऐसे सपने देख रहे थे वह समय आज आया. लकी ड्रा शुरू होने से पूरा परिवार मोबाईल पर आनलाईन ही था इसलिए जैसे ही नामा आया तो आंखे भर आयी. अपना ही खुद का घर होगा ऐसा महसूस होने लगा. जल्द ही अपना घर देखने जाएंगें. -निशा प्रवीण इंगले, लाभार्थी