टेंडर प्रक्रिया हुई रद्द, शिरजगांव ग्रापं में गडबड़ी का मामला

शिरजगांव कसबा. चांदूर बाजार तहसील के शिरजगांव कसबा ग्राम पंचायत में टेंडर गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ. जिसमें चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए पहले काम का आवंटन कर फिर टेंडर प्रकाशित कर निविदाएं आमंत्रित की गई. इस गड़बड़ घोटाले को लेकर नागरिकों में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी थी जिसके बाद अब इस पूरे टेंडर प्रक्रिया को गटविकास अधिकारी के आदेश के बाद रद्द किया गया है. अब  इस पूरे मामले की जिला प्रशासन की समिति द्वारा जांच होंगी.  

पीएचसी से पलंग की खेप हुई वापस

टेंडर गड़बड़ी मामले की अभी पूरी तरह जांच भी नहीं हुई थी कि टेंडर में उल्लेख पलंग,गादी वाटर कूलर,आर.ओ की 22 अगस्त को स्थानीय प्राथमिक आरोग्य केंद्र में आपूर्ति की गई थी उल्लेखनीय है कि प्रकाशित टेंडर के खोले जाने की आखिरी तारीख 27 अगस्त2020 तय थी. 21 अगस्त से 26 अगस्त 2020 तक निविदाएं प्रस्तुत करना था उससे पहले ही इन सामग्रियों की आपूर्ति हो चुकी थी जबकि और भी कई कामों के हो जाने और सामग्री बांटे जाने की चर्चाएं हो रही है तो वहीं प्रशासन द्वारा जप्ति की चर्चा होते  ही शनिवार को पलंग की खेप ठेकेदार वापस ले गया. अब बाकी सामाग्री जैसे  बेंच,वाटर कूलर आदि हुएं कामों का क्या होंगा इस पर सभी की नज़रें टिकी हुई है.

दोषियों पर कार्यवाही कब ?

टेंडर गड़बड़ी मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है नागरिकों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं कि साफ तौर से टेंडर में गड़बड़ी कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने प्रयास किए गए है सामग्री का आना और फिर उसे वापस भेजना साफ तौर से दर्शा रहा है कि टेंडर में गड़बड़ी  हुई है फिर भी दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने की बजाय इतनी मेहरबानी क्यों हो रही है आखिर दोषियों पर कार्यवाही करने वरिष्ठ अधिकारी क्यों कतरा रहे हैं टेंडर प्रक्रिया को रद्द किया गया आए हुए सामान को वापस ले जाने के आदेश भी जारी हो गए फिर यह सब किसके संरक्षण में हुआ है और इन सब में दोषी अधिकारियों को कौन बचा रहा है इस तरह के कई सवालात नागरिकों द्वारा उठाए जा रहे हैं नागरिकों द्वारा इस पूरे मामले में जिला प्रशासन से जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की जा रही है.

जिला समिति करेगी जांच 

टेंडर प्रक्रिया को रद्द किया गया है जो भी सामग्री की आपूर्ति हुई है उसे ग्राम पंचायत द्वारा जप्त किया जाएगा और इस पूरे मामले मे ज़िला प्रशासन की एक समिति द्वारा जांच की जाएंगी. – प्रफुल्ल बोरखडे, गटविकास