फिर बेफिक्री, मास्क भी नहीं लगा रहे लोग, अनलॉक में सब अनकंट्रोल

    अमरावती. कोरोना की दूसरी लहर से अब तक ठीक तरीके से उभर भी नही पाएं हैं. पर  राहत मिलने के बाद लोग फिर एक बार बेफिक्र और गैर जिम्मेदार होते हुए नजर आ रहे है. एक बार फिर आम लोगों द्वारा लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. जून से अनलॉक होते ही मार्केट अन कंट्रोल हो गया है. 

    दूकानों में भी धज्जियां

    दूकानों से लेकर गांव की सड़कों तक हर जगह चहल-पहल बढ़ गई है. स्थिति यह है कि फिजीकल डिस्टेंसिंग तो दूर लोगों ने मास्क लगाना भी बंद कर दिया है. लोगों की लापरवाही भी हर दिन बढ़ती जाने से अनलॉक के बाद लोग जैसे कोरोना को भूल गए हो सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ रहा है. इस दौरान बाजार, चौराहा जैसे इलाकों में कुछ ज्यादा ही बेफिक्री दिखा रहे है.

    इस दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण के फिर तेजी से पांव पसारने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता. बाजार में अधिकांश दूकानों पर मौजूद भीड़ को देखकर लग रहा है कि दूकानदार खरीदार कोरोना प्रोटोकॉल को अब पूरी तरह से भूल गए है. लोग दूकानों के भीतर और बाहर एक-दूसरे से डिस्टेंस रखे बगैर खरीदी कर रहे है. वहीं बाजार की सड़कों पर भी लोग बगैर मास्क लगाए घूमते नजर आ रहे है.

    मुंह से उतारकर जेब में मास्क 

    जिले में अनलॉक होने के बाद प्रशासन द्वारा कारवाई की प्रक्रिया भी कम कर दी गई है. जिसका फायदा उठाते हुए कोरोना से बचाव के लिए हथियार बने मास्क अब लोग जेब में रख रहे है. इस तरह की लापरवाही तीसरे लाकडाउन को आमंत्रण दे रही है. शहर में ही नहीं तो ग्रामीण में भी यही स्थिति है.

    नागरिक जैसे ही कोरोना के आंकड़े कम हो रहे हैं, तो मानो ऐसा समझ रहे है कि कोरोना पूरी तरह से भाग गया है. इसीलिए प्रशासन ने कार्यवाही भी कम कर दी है, लेकिन अनलॉक के बावजूद प्रशासन की कार्यवाही जारी रहती थी तो निश्चित ही लोगों द्वारा नियमों का पालन भी किया जाता. किंतु प्रशासन ने अनलॉक के कारण कार्यवाही में भी पूरी तरह ढिलाई बरती है. जिसका फायदा नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है.

    सरकारी कार्यालयों से सैनिटाइजर गायब 

    नागरिक तो दूर लेकिन प्रशासन द्वारा भी नियमों धज्जियां उड़ाई जा रही है.सभी कार्यालय में आने वाले नागरिकों के लिए कहीं पर भी सैनिटाइजर और मास्क को अनिवार्य नहीं किया जाता है. भले ही मनपा में आने वाले लोगों की टेस्ट कराई जाती हो. लेकिन यह टेस्ट केवल 1 घंटे में ही समाप्त हो जाती है. जिसके बाद पूरे दिन आने वाले लोगों के लिए मनपा का द्वार खुला हो जाता है. जिलाधिकारी कार्यालय में भी छिपे मार्गों से लोग भीतर जाने लगे हैं. इसी तरह की स्थिति अन्य कार्यालय में है. गत् वर्ष भले ही सरकारी कार्यालयों में हैंडवाश रखे गए थे, लेकिन तीसरी लहर खतरनाक होने के बावजूद इन सब बातों पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है.