महिला सुरक्षा पर कड़े हो कानून, भाजपा महिला मोर्चा की मांग

अमरावती. राज्य में महाविकास आघाडी सरकार के कार्यकाल में महिला अत्याचार के प्रकरण बढ रहे है. दुष्कर्म, छेडछाड, हत्याएं व महिला अत्याचार जैसी घटनाएं लगातार हो रही है, कोरोना महामारी जैसे संकट के दौरान भी कोविड सेंटरों पर महिलाओं पर अत्याचार हो रहे है, इसीलिए राज्य में महिला सुरक्षा पर कड़े कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की शहराध्यक्ष लता देशमुख व शहराध्यक्ष किरण पातुरकर के नेतृत्व में सैकडों भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ता सीपी आफिस पर धमके. जिन्होंने महाविकास आघाडी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया.

पातुरकर व पीआय मेश्राम में तु-तु मैं-मैं

किरण पातुरकर महिला कार्यकर्ताओं के साथ सीपी आफिस में प्रवेश करने पर यहां ड्यूटी पर तैनात फ्रेजरपुरा थानेदार पुंडलीक मेश्राम ने उन्हें रोक लिया. पीआय मेश्राम ने बताया कि कोरोना के कारण इतने लोग एक साथ निवेदन नहीं दे सकते है, इसीलिए सिर्फ 5 लोग ही निवेदन देने आये. जिस पर कुछ महिलाएं भीतर घुस गई, जबकि शहराध्यक्ष लता देशमुख गेट के बाहर ही रह जाने से पातूरकर उन्हें भीतर लाने की जिद्द करने लगे, जिस पर मेश्राम व पातुरकर में जमकर शाब्दीक बहस हो गई.

इस बीच कार्यकर्ता व पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव कर विवाद खत्म किया. भाजपा महिला मोर्चा सीपी डा.आरती सिंह से मिले. जिन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर कड़ा कानून बनाने की मांग की. इस समय कुसुम साहु, राधा कुरील, संध्या टिकले, सुरेखा लुंगारे, मिना पाठक, सुचिता बिरे, छाया अंबाडकर, बरखा बोज्ये, श्रध्दा गहलोत, ममता चौधरी समेत अन्य उपस्थित थे.