Tourists are not being investigated, jungle safari should not become a problem

चिखलदरा. लॉकडाउन में मिली शिथिलता के दौरान पर्यटननगरी चिखलदरा में व्याघ्र प्रकल्प द्वारा जंगल सफारी के नाम पर पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है, जिस कारण से राज्य के कई इलाकों से सैलानी चिखलदरा पहुँच रहे हैं, जिन्हें बिना किसी जांच के सीधे शहर में प्रवेश दिया जा रहा है, इनमे ज्यादातर पर्यटक राज्य के रेड जोन चिखलदरा पहुँच रहे है, जिस से अभी तक संक्रमण से बची पर्यटन नगरी पर कोरोना संकट के बादल मंडरा रहे हैं.  

सुरक्षा के इंतजाम नहीं
शहर के प्रवेश द्वार पर बने नगर पालिका के नाके पर कोविड़ 19 के कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. यहाँ तक की पालिका कर्मचारियों को भी हैण्ड वाश तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में रेड जोन से आने वाले पर्यटकों को सेवा देना खुद की जान को खतरे में डालने के बराबर सबित हो रहा है.

प्रशासन के लापरवाही से भय का माहौल
पिछले 2 दिनों से चिखलदरा की तहसीलदार कु माया माने के आदेश के बाद पालिका प्रशासन सुस्ती झटकता हुआ नजर आ रहा है, लेकिन इनकी कार्यवाही केवल स्थानीय व्यापारी वर्ग के लिए ही दिखाई दे रही है, जबकि सैलानी बगैर मास्क के ही शहर के रिहायशी परिसर में घूमते नजर आ रहे है, जिससे प्रशासन के इस लापरवाह रवैये से स्थानीकों में भय का वातावरण बना हुआ है.

इस संकट को सह लेंगे
ऐसे समय में पर्यटकों को शहर में प्रवेश देना बिल्कुल उचित नहीं है, जहां 3 महीनों तक यहाँ के पर्यटन व्यवसाय ने मंदी की मार झेली है वही कुछ दिन और भी इस संकट को सह लेंगे, लेकिन एक भी पाजिटिव केस निकल जाने के बाद पर्यटननगरी को काफी दिनों तक नुकसान उठाना पड़ेगा.-मनोज शर्मा, सचिव, होटल ओनर एसो. चिखलदरा

प्रशासन का निर्णय गलत 
जिले में इतनी तादाद में मरीज निकलने के बाद भी पर्यटन को आजादी देना प्रशासन का गलत निर्णय है, इसे तुरंत बदल कर चिखलदरा पर्यटन को कुछ दिन और रोकना चाहिए-शे. अंसार, होटल व्यवसायी चिखलदरा

पर्यटक पहुंच ही नहीं रहे
सरकारी आदेशों के अनुसार हमने जंगल सफारी शुरू की है. लेकिन अब तक पर्यटक पहुंचे ही नहीं. आने वाले समय में अच्छी भीड़ की उम्मीद है-शिवकुमार, डीसीएफ